1 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि को घनश्याम प्रजापति की हत्या कर दी गई. परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान उन्हें पीटा भी गया था. घनश्याम प्रजापति के बेटे जितेंद्र प्रजापति ने न्याय के लिए आरोपियों पर मुकदमा कर दिया.
जितेंद्र प्रजापति मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कंचनपुर में रहते हैं. उनके लिए यह मामला अपने पिता के लिए न्याय की लड़ाई है.
FIR में पांच नाम
मोहनगढ़ पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है:
- डॉ. प्रकाश कुशवाहा
- चंद्रभान कुशवाह, ललितपुर के ककरेला से
- खुशीराम यादव, पतनापुर से
- पटनापुर निवासी रामराजा यादव
- विद्याधर यादव, कुँवरपुरा से
ये सभी पांचों आरोपी हैं. अदालत ने इनमें से किसी को भी दोषी नहीं ठहराया गया है.
जमानत की खबर
फिर एक नोटिस आया, जिसमें पता चला कि आरोपियों को डिफ़ॉल्ट बेल प्रदान की गई है. शिकायतकर्ता पक्ष के वकील मुकेश साहू के अनुसार, आरोपियों को जमानत नहीं मिली थी. डिफ़ॉल्ट बेल एक प्रकार की रिहाई है जो दोष सिद्ध नहीं करती. फिर भी, तीन महीने पहले अपने पिता को खो चुके बेटे के लिए यह एक विश्वासघात जैसा प्रतीत हुआ.
कोर्ट में फांसी लगाने की कोशिश
मंगलवार शाम को जितेंद्र टीकमगढ़ अदालत परिसर गए. वकील के अनुसार, वे जमानत रद्द करने के नोटिस का विरोध कर रहे थे. वहां उसने कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की. ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे देख लिया और तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे खुद को नुकसान पहुंचाने से पहले ही उसकी जान बच गई. कुछ समय के लिए अदालत परिसर में दहशत और अफरा-तफरी मच गई. भीड़ जमा हो गई और शांति बहाल करने के लिए पुलिस को बुलाया गया.
घटना का वीडियो वायरल
घटना को रिकॉर्ड कर लिया गया था और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें एक सुरक्षा गार्ड को घटना के दौरान युवक को लात मारते हुए भी दिखाया गया है. वीडियो के इस हिस्से ने भी लोगों का ध्यान खींचा है.
इसके बाद गार्डों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जितेंद्र को थाने ले गई. देहात पुलिस स्टेशन के प्रभारी चंद्रजीत यादव ने बताया कि युवक को समझा-बुझाकर घर भेज दिया गया.