पिछले कुछ सालों में जन कल्याण के उद्देश्य से दर्जनों योजनाएं चलाई गई हैं.कुछ योजनाएं किसानों को लाभान्वित करती हैं तो कुछ आम जनता के बुढ़ापे की चिंता से मुक्त करती हैं, लेकिन एक योजना ऐसी भी है, जो समाज में बच्चियों का कद बढ़ाने, पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है. ऐसी ही कल्याणकारी योजनाओं में शामिल है राजश्री योजना, जो बच्चियों को ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है. जानें करीब 20 साल से चलाई जा रही इस योजना की खास बातें और आवेदन का तरीका-
क्या है राजश्री योजना?
राजस्थान में भ्रूण हत्या को रोकने और लिंगानुपात समानता को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री राजश्री योजना चलाई जा रही है. इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर देना है. साल 2016 से चलाई गई राजश्री योजना में, राजस्थान सरकार बेटियों की पैदाईश से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करती है. सबसे अच्छी बात तो ये है कि पैसा सीधे बिटिया के नाम पर खुले खाते में ट्रांसफर होता है.
कौन-कौन ले सकता है लाभ?
- मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत राजस्थान के स्थाई निवासियों को ही सहायता दी जाती है.
- 1 जून 2026 या इसके बाद जन्मी बेटियां ही राजश्री स्कीम में आवेदन कर सकती हैं.
- बेटियों का जन्म राजस्थान के रजिस्टर्ड हॉस्पिटल या हेल्थ सेंटर में होना आवश्यक है.
कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे?
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत आवेदन करने के लिए बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड,मातृ और शिशु स्वास्थ्य कार्ड और स्कूल का एडमिशन लैटर होना चाहिए. यदि आपके पास ये सभी दस्तावेज हैं तो अपने जिले के महिला एंव बाल विकास कार्यालय या योजना की आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन कर सकते हैं
6 किस्तों में मिलेगा पैसा!
मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है, जिसके तहत पहली किस्त जन्म के समय- 2,500 रुपये मिलते हैं.
- दूसरी किस्त बच्ची का टीकाकरण पूरा होने के बाद, 2,500 रुपये दिए जाते हैं.
- तीसरी किस्त स्कूल में बच्ची के एडमिशन के बाद, 4000 रुपये खाते में ट्रांसफर होते हैं.
- चौथी किस्त, जब बच्ची 6वीं कक्षा पास कर लेती है तो पूरे 5000 रुपये मिलते हैं.
- पांचवी किस्त, 10वीं कक्षा में आते ही बेटी के खाते में पूरे 11,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं.
12वीं कक्षा पास करने वाली बेटियों को आखिरी किस्त के 25,000 रुपये दिए जाते हैं, जो उनके ग्रेजुएशन की पढ़ाई या एडमिशन आदि में काफी हद तक हेल्पफुल होते हैं.
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