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Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होंगे अली और उमर, हाई कोर्ट ने दी पैरोल, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त

छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होंगे अली और उमर, हाई कोर्ट ने दी पैरोल, लेकिन रखी ये बड़ी शर्त

Prayagraj News: झांसी सड़क हादसे में जान गंवाने वाले माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में पिता अतीक अहमद की कब्र के बगल में दफनाया जाएगा. जनाजे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़े भाइयों अली और उमर अहमद को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी है, हालांकि उन्हें मीडिया से बातचीत नहीं करने की शर्त रखी गई है.

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Last Updated: August 7, 2026 16:43:12 IST

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Prayagraj News: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद को उसके पैतृक कब्रिस्तान कसारी-मसारी में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. आबान की कब्र अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में तैयार की गई है. इसी कब्रिस्तान में अतीक के पिता हाजी फिरोज अहमद, उनकी मां, भाई अशरफ और बेटे असद अहमद भी दफन हैं. अंतिम संस्कार से पहले कब्रिस्तान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है.

कब्रिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जनाजे के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है. कसारी-मसारी कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है और पूरे इलाके पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

झांसी सड़क हादसे में हुई थी आबान की मौत

आबान अहमद की मौत झांसी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में हुई थी. बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे में आबान के साथ उसके एक साथी की भी जान चली गई. दुर्घटना के बाद पार्थिव शरीर प्रयागराज लाया गया.

हाई कोर्ट से अली और उमर को मिली पैरोल

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आबान के बड़े भाइयों अली अहमद और उमर अहमद को जनाजे शामिल होने के लिए पैरोल मंजूर कर ली है. दोनों की ओर से डबल बेंच में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी. कोर्ट ने पैरोल देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों किसी भी मीडिया संस्थान से बातचीत नहीं करेंगे. इसी शर्त के साथ उन्हें अस्थायी राहत दी गई है.

पैतृक कब्रिस्तान में होगा अंतिम सफर

आबान को उसी पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्य पहले से सुपुर्द-ए-खाक हैं. परिवार में शोक का माहौल है और अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि जनाजा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.

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Prayagraj News: प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान अहमद को उसके पैतृक कब्रिस्तान कसारी-मसारी में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. आबान की कब्र अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में तैयार की गई है. इसी कब्रिस्तान में अतीक के पिता हाजी फिरोज अहमद, उनकी मां, भाई अशरफ और बेटे असद अहमद भी दफन हैं. अंतिम संस्कार से पहले कब्रिस्तान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है.

कब्रिस्तान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जनाजे के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है. कसारी-मसारी कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. आने-जाने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है और पूरे इलाके पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

झांसी सड़क हादसे में हुई थी आबान की मौत

आबान अहमद की मौत झांसी में हुए एक भीषण सड़क हादसे में हुई थी. बताया गया कि वह अपने साथियों के साथ झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे में आबान के साथ उसके एक साथी की भी जान चली गई. दुर्घटना के बाद पार्थिव शरीर प्रयागराज लाया गया.

हाई कोर्ट से अली और उमर को मिली पैरोल

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आबान के बड़े भाइयों अली अहमद और उमर अहमद को जनाजे शामिल होने के लिए पैरोल मंजूर कर ली है. दोनों की ओर से डबल बेंच में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी. कोर्ट ने पैरोल देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों किसी भी मीडिया संस्थान से बातचीत नहीं करेंगे. इसी शर्त के साथ उन्हें अस्थायी राहत दी गई है.

पैतृक कब्रिस्तान में होगा अंतिम सफर

आबान को उसी पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा, जहां अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्य पहले से सुपुर्द-ए-खाक हैं. परिवार में शोक का माहौल है और अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन पूरे कार्यक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि जनाजा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके.

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