Bijnor Kamal Nath Land Fraud: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पैतृक जमीन को फर्जी दस्तावेजों से हड़पने की कोशिश की गई है. इस मामले में पुलिस ने राजस्व विभाग के लेखपाल समेत 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
पैतृक जमीन पर थी नजर
मामला नजीबाबाद तहसील के अमीखानपुर गांव का है. यहां कमलनाथ के दिवंगत पिता महेंद्रनाथ की करीब 90 बीघा पैतृक जमीन है. एसपी केके बिश्नोई के मुताबिक, 18 मई 2026 को कमलनाथ की तरफ से इस जमीन पर अपना नाम दर्ज कराने के लिए तहसीलदार कोर्ट में आवेदन दिया गया था. कोर्ट ने इस पर रिपोर्ट के लिए क्षेत्रीय लेखपाल डेविड कुमार को कहा था. लेकिन लेखपाल ने जमीन को विवादित बताकर रिपोर्ट भेज दी. इसके बाद जब कमलनाथ के स्टाफ ने पड़ताल की तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.
फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाण पत्र का खेल
जांच में पता चला कि नजीबाबाद कोर्ट में पहले से ही ‘धर्मपाल बनाम ग्राम सभा’ नाम से एक दीवानी केस चल रहा था. आरोपी धर्मपाल सिंह ने इस जमीन पर अपना हक जताने के लिए फर्जी वसीयत कोर्ट में दाखिल की थी. इतना ही नहीं, आरोपियों ने कमलनाथ के पिता की मौत की तारीख में भी हेरफेर किया. कमलनाथ के पिता महेंद्रनाथ का निधन 7 सितंबर 2004 को दिल्ली में हुआ था, लेकिन फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र में उनकी मौत की तारीख 10 अप्रैल 2003 दिखाई गई. इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर फर्जी वसीयत बनाकर 26 बीघा जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची गई.
4 पर केस, 2 सलाखों के पीछे
कमलनाथ की शिकायत पर नजीबाबाद पुलिस ने धर्मपाल सिंह, विजय शंकर पांडेय, जसविंदर ढिल्लो और लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने धर्मपाल सिंह और विजय शंकर पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं जसविंदर ढिल्लो और लेखपाल डेविड कुमार अभी फरार हैं. एसपी ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं. साथ ही जमीन को सुरक्षित करने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई भी की जा रही है.