Faridabad ATM Theft Case: हरियाणा के फरीदाबाद में एटीएम काटकर लाखों रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस केस का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस का एक सिपाही निकला. पुलिस ने आरोपी सिपाही समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि भारी कर्ज के दबाव ने उसे इस अपराध की साजिश रचने पर मजबूर कर दिया.
पुलिस के मुताबिक पहली घटना 3 जुलाई की रात भूपानी इलाके में हुई, जहां हिताची कंपनी के एटीएम को गैस कटर से काटकर करीब 6.53 लाख रुपये चुरा लिए गए. इसके बाद 26 जुलाई की रात सेक्टर-58 में उसी तरीके से दूसरे एटीएम से करीब 5.71 लाख रुपये चोरी कर लिए गए. लगातार एक जैसी दो घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की.
1000 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. कई दिनों की पड़ताल के बाद आरोपियों की पहचान हुई और एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली पुलिस का सिपाही हुकम सिंह, उसका भतीजा अरविंद और बिहार के सिवान जिले के विकास कुमार, अभिषेक कुमार और विशाल कुमार शामिल हैं.
कर्ज उतारने के लिए रची चोरी की योजना
क्राइम ब्रांच के अनुसार, हुकम सिंह पर काफी कर्ज हो गया था. इसी वजह से उसने जल्दी पैसे कमाने का रास्ता तलाशना शुरू किया. इसी दौरान उसकी मुलाकात वेल्डिंग का काम करने वाले विकास कुमार से हुई. हुकम सिंह ने उसे गैस कटर से एटीएम काटकर चोरी करने का सुझाव दिया. शुरुआत में विकास तैयार नहीं हुआ, लेकिन सिपाही ने अपना पुलिस पहचान पत्र दिखाकर भरोसा दिलाया कि पकड़े जाने का खतरा नहीं है.
पहली चोरी के बाद साथियों ने ही किया किनारा
पुलिस जांच में सामने आया कि पहली वारदात के बाद विकास और उसके साथी चोरी की रकम लेकर अलग हो गए और हुकम सिंह को हिस्सा भी नहीं दिया. बाद में विकास ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दूसरी चोरी की वारदात को अंजाम दिया. इस बार भी सिपाही को पूरी जानकारी नहीं दी गई.
पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
लगातार दो घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
हिताची ATM को ही क्यों बनाया निशाना?
जांच में यह भी सामने आया कि हुकम सिंह को जानकारी थी कि हिताची कंपनी के कई एटीएम पर रात के समय सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं रहते और उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर होती है. इसी वजह से गैंग ने इन्हीं एटीएम को निशाना बनाया.