Stone Stuck Inside Piles Patient Body: कानपुर में एक विचित्र चिकित्सीय घटना में, बवासीर से राहत पाने की चाह में एक युवक ने कथित तौर पर एक झोलाछाप चिकित्सक की सलाह मानकर घरेलू उपचार के रूप में गर्म पत्थर का इस्तेमाल किया.
यह उपचार बुरी तरह विफल हो गया जब लगभग 1.5 किलोग्राम का एक पत्थर उसके शरीर में फंस गया, जिससे उसे असहनीय दर्द हुआ और आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता पड़ी. हालत बिगड़ने पर युवक को उर्सुला जिला अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसकी जांच की और तुरंत ऑपरेशन आवश्यक पाया.
एक्स-रे में दिखी पथरी
डॉक्टरों के अनुसार, एक्स-रे से पता चला कि मरीज के शरीर में पथरी फंसी हुई है. डॉ. प्रशांत मिश्रा और उनकी टीम ने तुरंत सर्जरी की तैयारी की. कई घंटों तक चले ऑपरेशन में डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक भारी पथरी को निकाला. ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब चिकित्सकीय देखरेख में स्थिर स्थिति में है.
यही वो डेढ़ KG का पत्थर था, जिससे कानपुर वाले भाई साहब पाइल्स की सिकाई कर रहे थे !! https://t.co/bJyzuhrs5g
— Sachin Gupta (@Sachingupta) October 7, 2026
‘मैंने एक नीम-हकीम की सलाह मानी’
इलाज के बाद, मरीज ने बताया कि बवासीर के कारण होने वाले असहनीय दर्द से पीड़ित होकर उसने एक झोलाछाप डॉक्टर से मदद ली थी. उसे कथित तौर पर एक पत्थर को गर्म करके उसकी सिकाई करने की सलाह दी गई थी. इस उपाय को आजमाते समय, पत्थर किसी तरह उसके शरीर में चला गया. मरीज ने कहा कि उसे शुरू में समझ नहीं आया कि यह घटना कैसे हुई. दर्द बढ़ने पर उसने आखिरकार अस्पताल में चिकित्सा सहायता ली.
डॉक्टर ने इस तरह के उपचार के खिलाफ दी चेतावनी
डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया कि मरीज के अस्पताल पहुंचने पर एक्स-रे में पथरी साफ दिखाई दे रही थी, जिसके चलते मेडिकल टीम को आपातकालीन ऑपरेशन करना पड़ा. डॉक्टर ने बवासीर से पीड़ित लोगों को सलाह दी कि वे अप्रमाणित उपचारों पर भरोसा करने के बजाय योग्य चिकित्सकों से परामर्श लें. उन्होंने चेतावनी दी कि अयोग्य चिकित्सकों की सलाह पर इस तरह की प्रक्रियाएं करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकती हैं. अस्पताल में इलाज करा रहे मरीज ने बताया कि उन्होंने इस घटना से सबक लिया है और ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगे.