UP Crop Insurance Scheme: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. अब बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर आर्थिक नुकसान का बोझ कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को राज्य में जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.
सरकार के फैसले के बाद खरीफ 2026 से रबी 2026-27 तक उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख फसलों को बीमा सुरक्षा के दायरे में रखा जाएगा. ग्राम पंचायत स्तर पर फसलों का बीमा कराया जाएगा, जबकि चयनित जिलों में बागवानी फसलों के लिए मौसम आधारित बीमा योजना भी लागू रहेगी. इसका उद्देश्य मौसम की मार झेल रहे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है.
किसानों पर नहीं पड़ेगा ज्यादा आर्थिक बोझ
योजना के तहत किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना होगा. खरीफ फसलों के लिए बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत और रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा. वहीं वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए किसानों का हिस्सा अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा. बाकी प्रीमियम का खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी.
पुरानी बीमा कंपनियां ही करेंगी योजना का संचालन
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से योजना का संचालन कर रही बीमा कंपनियां ही अपने-अपने निर्धारित समूहों में वर्ष 2026-27 के दौरान भी सेवाएं देती रहेंगी. यह फैसला केंद्र सरकार की एडवाइजरी और राज्य स्तरीय समन्वय समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया है.
बीमा कराने की अंतिम तिथि भी तय
सरकार ने फसल बीमा के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा 31 जुलाई और रबी फसलों का बीमा 31 दिसंबर तक कराया जा सकेगा. हालांकि कृषि विभाग ने संकेत दिए हैं कि खरीफ सीजन की अंतिम तिथि बढ़ाई जा सकती है. वहीं मौसम आधारित फसल बीमा योजना में जोखिम शुरू होने से एक दिन पहले तक आवेदन करने का मौका मिलेगा.
प्राकृतिक आपदा में मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित रखना और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद करना है. बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अत्यधिक वर्षा या अन्य मौसम संबंधी परिस्थितियों में फसल प्रभावित होने पर पात्र किसानों को बीमा के तहत आर्थिक सहायता मिल सकेगी.