UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मोबाइल की किस्त वसूलने के नाम पर होने वाली कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि मोबाइल फोन की EMI समय पर जमा नहीं होने की बात कहकर कुछ रिकवरी एजेंट एक युवक को उसके घर से उठा ले गए. इसके बाद उसे लखनऊ ले जाकर करीब पांच दिनों तक बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई. इतना ही नहीं, युवक का एक यूनिट खून भी निकलवा लिया.
मामला निगोहां थाना क्षेत्र के राजाराम खेड़ा पुरहिया का बताया जा रहा है. पीड़ित युवक के मुताबिक उसने किस्त पर मोबाइल फोन खरीदा था और उसकी सभी EMI समय पर जमा की थीं. इसके बावजूद कुछ लोग उसके घर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए. युवक का आरोप है कि उसे बहाने से लखनऊ ले जाया गया और वहां पहुंचने के बाद उसे बंधक बना लिया गया.
5 दिन तक कराया मजदूरी का काम
लखनऊ : ये दिल दहला देनी वाली घटना राजधानी लखनऊ की है। एक युवक ने क़िस्त पर मोबाइल लिया। सभी किस्ते समय से दे रहा था, उसके बाद भी रिकवरी एजेंट ने युवक को उसके घर से उठाया और बहाने से लखनऊ ले आया।
किस्त न भरने के आरोप पर युवक को बंधक बनाया। उसका 1 यूनिट खून निकालकर भेजा और युवक… pic.twitter.com/GBE5kGvAkh
— Ashish Paswan (@ashishpaswan0) September 15, 2026
युवक के मुताबिक उसे लगभग पांच दिनों तक वहां रखा गया. इस दौरान उससे मजदूरी कराई गई. आरोप है कि इस दौरान उसका एक यूनिट खून भी निकलवाया गया. युवक का कहना है कि वह लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा लेकिन उसे वहां से जाने नहीं दिया गया. हालात बिगड़ने पर युवक ने किसी तरह अपने बड़े भाई से संपर्क किया. उसने भाई से 2799 रुपये मंगवाए. आरोप है कि रकम मिलने के बाद ही उसे वहां से छोड़ा गया.
पुलिस पर भी गंभीर आरोप
रिकवरी एजेंटों के चंगुल से बाहर निकलने के बाद युवक सीधे पुलिस के पास पहुंचा. उसका आरोप है कि उसने थाने में पूरी घटना बताई लेकिन शुरुआत में पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे वहां से भगा दिया. इसके बाद मामला DCP साउथ तक पहुंचा. DCP के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने युवक की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.