Uttarakhand Murder Case: उत्तराखंड में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया. एक महिला पर अपने प्रेमी और सभासद धीरेंद्र परिहार की हत्या करने का आरोप है. हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद महिला ने शव को घर में ही छिपाए रखा और बाहर रामलीला तथा दुर्गा पूजा के कार्यक्रमों में सामान्य तरीके से घूमती रही. दो दिन बाद उसने अपने भाई की मदद से शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची.
पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र परिहार और लता भंडारी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे. 17 अक्टूबर की रात धीरेंद्र शराब के नशे में लता के घर पहुंचे थे. वहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया. आरोप है कि गुस्से में लता ने घर में रखी लोहे की रॉड उठाई और धीरेंद्र के सिर पर जोरदार वार कर दिया. गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
चादर में लपेटकर पलंग के नीचे छिपाया शव
धीरेंद्र की मौत के बाद लता घबरा गई लेकिन उसने इसकी जानकारी पुलिस को देने के बजाय शव छिपाने का रास्ता चुना. उसने धीरेंद्र के शव को चादर में लपेटा और कमरे में रखे पलंग के नीचे छिपा दिया. अगले दो दिनों तक शव घर में ही पड़ा रहा. इस दौरान लता सामान्य दिनचर्या की तरह बाहर निकलती रही और रामलीला व दुर्गा पूजा के कार्यक्रमों में भी शामिल हुई.
उत्तराखंड के सभासद धीरेंद्र परिहार और लता भंडारी नाम की महिला के बीच काफी समय से प्रेम संबंध थे। 17 अक्टूबर की रात को धीरेंद्र शराब के नशे में लता के घर पहुंचे। वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहुत बड़ा झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि लता ने गुस्से में आकर घर में रखी लोहे की रॉड से धीरेंद्र के सिर पर हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण धीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद लता घबरा गई और उसने धीरेंद्र की लाश को चादर में लपेटकर अपने कमरे में पलंग (खटिया) के नीचे छिपा दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि….
— Rahul Saini (@JtrahulSaini) November 7, 2026
भाई को बुलाकर रात के अंधेरे में फेंका शव
दो दिन बाद जब शव से बदबू आने की आशंका हुई तो लता ने अपने भाई त्रिभुवन को घर बुलाया. पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर शव को कार में रखा और रात के अंधेरे में बागेश्वर के पास गोमती नदी किनारे एक गहरी खाई में फेंक दिया.
मोबाइल रिकॉर्ड से खुला हत्या का राज
वहीं धीरेंद्र के कई दिनों तक घर नहीं लौटने पर उनकी मां ने 31 अक्टूबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस ने धीरेंद्र के मोबाइल की कॉल और लोकेशन संबंधी जानकारी खंगाली. इससे पता चला कि वह आखिरी बार लता के घर गए थे. इसके बाद पुलिस ने लता से पूछताछ की. सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर हत्या की बात कबूल कर ली. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खाई से धीरेंद्र का शव बरामद किया. मामले में लता और उसके भाई त्रिभुवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.