Nandita Roy Bengal Voter List Name Deleted: यह मामला लोकतंत्र में व्यक्तिगत पहचान और प्रशासनिक जवाबदेही के संकट को दर्शाता है, चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी का नाम हटाने से पहले 'फिजिकल वेरिफिकेशन' मौके पर जांच अनिवार्य है, केवल फोन कॉल ना उठाना नाम काटने का आधार नहीं हो सकता, एक प्रतिष्ठित और देशभक्त पृष्ठभूमि से आने वाली महिला के लिए यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि उनके नागरिक होने के अस्तित्व पर प्रहार है, उनका बयान, किसी के बाप का हिंदुस्तान नहीं है, उनके गहरे गुस्से को दर्शाता है नंदिता रॉय ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगी ताकि भविष्य में किसी अन्य नागरिक के साथ ऐसी लापरवाही ना हो, यह घटना उन हजारों लोगों की चिंताओं को स्वर देती है जिनके नाम अक्सर बिना किसी ठोस सूचना के मतदाता सूची से हटा दिए जाते हैं, खासकर चुनावों के करीब.