Delhi and District Cricket Association ने कथित मानहानि के मामले में भारत के एक प्रमुख हिंदी दैनिक समाचार पत्र को कानूनी नोटिस भेजा है और ₹200 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। 12/05/2026 को भेजे गए इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि मीडिया संस्थान ने ऐसी कई खबरें प्रकाशित कीं, जिनमें तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर और सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे क्रिकेट संस्था की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
नोटिस के अनुसार, DDCA का दावा है कि समाचार पत्र ने लगातार एसोसिएशन से जुड़े घटनाक्रमों और मामलों की गलत रिपोर्टिंग की। विवादित लेखों में कथित तौर पर जानकारी को संदर्भ से हटाकर और पक्षपातपूर्ण तरीके से पेश किया गया, जिससे जनता गुमराह हुई और DDCA के कामकाज पर सवाल खड़े हुए।
कानूनी नोटिस में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार की रिपोर्टिंग केवल एक गलती नहीं थी, बल्कि संस्था की छवि खराब करने के उद्देश्य से चलाया गया एक सुनियोजित अभियान था। DDCA ने कई उदाहरणों का हवाला देते हुए इसे ‘दुर्भावनापूर्ण रिपोर्टिंग’ बताया है।
नोटिस में ₹200 करोड़ के मुआवजे के साथ-साथ बिना शर्त सार्वजनिक माफी की भी मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि समाचार पत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर उनकी मांगों का पालन नहीं करता, तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह कानूनी नोटिस औपचारिक रूप से मीडिया संस्थान के प्रबंधन, जिसमें CEO, संपादक और संबंधित पत्रकार शामिल हैं, को संबोधित किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद मीडिया और कानूनी जगत में पत्रकारिता की जिम्मेदारी और प्रेस की स्वतंत्रता की सीमाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि समाचार पत्र की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मामला तथ्यात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग के संदर्भ में मीडिया संस्थानों की जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है।