लाखों रुपये खर्च करके अगर आप किसी प्रीमियम ब्रांड का फ्लैगशिप फोन खरीदते हैं, तो आप बेहतर परफॉरमेंस और लाजवाब कस्टमर सर्विस की उम्मीद करते हैं. लेकिन जब वही ब्रांड खराब फोन देने के बाद कस्टमर को ही घुमाने लगे और एक्स्ट्रा पैसे ऐंठने की कोशिश करे, तो इसे क्या कहा जाए? सैमसंग जैसी ग्लोबल टेक कंपनी आजकल यही कर रही है. एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक ग्राहक को 1.40 लाख का फोन लेने के बाद खराब डिवाइस मिली, इसके बाद कंपनी के अजीब-ओ-गरीब नियम के कारण अब उसे 20 हजार का एक्स्ट्रा नुकसान भी झेलना पड़ रहा है. इसे कस्टमर सपोर्ट नहीं, बल्कि खुल्लम-खुल्ला आम जनता की जेब पर डाका डालना कहा जाए तो गलत नहीं होगा.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर शुभजीत दास (@SantaniSubhajit) नाम के एक यूजर ने सैमसंग के इस पूरे कारनामे का खुलासा किया है. उनका कहना है कि इंडिया में लॉन्च होने के वक्त सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा (Samsung Galaxy S26 Ultra) फोन 1 लाख 40 हजार में खरीदा था. लेकिन खरीदने के महज दो महीने बाद ही फोन के कैमरा लेंस में फॉग (धुंध) जमने की शिकायत आने लगी, जिस वजह से तस्वीरें पूरी तरह खराब आने लगीं.
जब ग्राहक इस खराबी को लेकर सैमसंग कस्टमर केयर गया, तो उन्होंने कहा कि फोन ‘फिक्स’ कर दिया गया है. लेकिन घर आते ही वही प्रॉब्लम फिर से सामने आ गई. सैमसंग अक्सर ऐसे ही टालमटोल करती हैं, और यहां भी वही हुआ. ऐसा एक-दो बार नहीं, बल्कि 2-3 बार दोहराया गया. आखिरकार परेशान होकर जब ग्राहक दोबारा गया, तो सर्विस सेंटर ने फोन जमा कर लिया और नया फोन देने (रिप्लेसमेंट) का आश्वासन दिया
कुछ दिनों बाद सैमसंग ने अचानक रिप्लेसमेंट कैंसिल कर दिया और कहा कि वे फोन की जगह 1,40,000 का एक कूपन कार्ड दे रहे हैं. अब जरा चालाकी देखिए, शर्त यह रखी गई कि इस कूपन से सिर्फ सैमसंग का ही कोई दूसरा फोन खरीदा जा सकता है और कुछ नहीं. असली खेल तब शुरू हुआ जब ग्राहक वही सैमसंग गैलेक्सी S26 अल्ट्रा फोन दोबारा खरीदने गया. फोन की कीमत अब बढ़कर 1,60,000 हो चुकी थी.
A boy bought the Samsung Galaxy S26 Ultra phone just 5 months ago when it was launched in India.
He bought it for ₹1,40,000 but after two months, he started having problems with his mobile.
There was fog in his camera and hence the photos were not coming out well, so he took… pic.twitter.com/MvlElrmoym
— Subhajit Das (@SantaniSubhajit) September 21, 2026
ग्राहक का नुकसान और उठते सवाल
अब सवाल यह उठता है कि जब फोन में खराबी सैमसंग की तरफ से थी, तो कीमत बढ़ने पर यह 20,000 का अतिरिक्त बोझ ग्राहक क्यों उठाए? ग्राहक ने तो 1,40,000 में वही मॉडल खरीदा था. अगर कंपनी उसे नया फोन बदलकर नहीं दे सकती, तो उसे पूरा पैसा रिफंड किया जाना चाहिए था या फिर नई कीमत के बावजूद बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के वही मॉडल देना चाहिए था.
सैमसंग प्रोडक्ट से जुड़ा ऐसा पहला मामला नहीं है, आए दिन सैमसंग को लेकर शिकायतें देखी जा रही है. इस समस्या से परेशान अकेला यह ग्राहक नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर ऐसी शिकायतों की बाढ़ आई हुई है. उदाहरण के लिए, वैभव गायकवाड़ (@vaibhav86805312) नाम के यूजर ने ट्विटर पर लिखा कि सैमसंग इंडिया में खराब और घटिया क्वालिटी के प्रोडक्ट्स बेच रहा है, उनकी कस्टमर सर्विस बेहद निराशाजनक है और उन्होंने लोगों से सैमसंग के मोबाइल्स न खरीदने की अपील की. वहीं आर.के. (@Rksingh_slg) ने अमेजन से खरीदे गए सैमसंग S23 अल्ट्रा के स्क्रीन प्रोटेक्टर की खराब क्वालिटी, कंटेनर में ग्लू (गोंद) न होने और शिकायत के बावजूद कोई एक्शन न लिए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के बुरे अनुभव से अब ब्रांड से भरोसा पूरी तरह खत्म हो रहा है.