Lenskart Tilak Controversy Peyush Bansal Apology: यह मामला कॉरपोरेट पॉलिसी और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बीच के टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है,वायरल हुए ‘स्टाफ यूनिफॉर्म गाइड’ (फरवरी 2026 वर्जन) में बिंदी और धार्मिक तिलक को ‘नॉट अलाउड’ की श्रेणी में रखा गया था, जिसे भेदभावपूर्ण माना गया, कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें लोग शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ तरीके से स्टोर्स में जाकर ‘तिलक’ लगा रहे हैं, उनका तर्क है कि काम की जगह पर भारतीय पहचान को दबाया नहीं जा सकता 18 अप्रैल 2026 को लेंसकार्ट ने अपनी नई ‘स्टाइल गाइड’ सार्वजनिक रूप से साझा की, इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि बहारतीय संस्कृति के सभी प्रतीक— चाहे वो बिंदी हो, तिलक हो, सिंदूर हो या हिजाब— पूरी तरह स्वीकार्य हैं, पीयूष बंसल ने कहा कि “लेंसकार्ट भारत में बना है और यहां काम करने वाले 2400+ लोग अपनी मान्यताओं और परंपराओं को गर्व से साथ लाते हैं, हम किसी को भी अपनी पहचान दरवाजे पर छोड़कर आने को नहीं कहते.
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