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HomeVideosदेश भर के कई शहरों में लेंसकार्ट स्टोर्स पहुंचे लोग, कर्मचारियों को तिलक लगाया, धंधे के लिए धर्म का करना होगा स्वागत!

देश भर के कई शहरों में लेंसकार्ट स्टोर्स पहुंचे लोग, कर्मचारियों को तिलक लगाया, धंधे के लिए धर्म का करना होगा स्वागत!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-19 23:06:15

अप्रैल 2026 में लेंसकार्ट (Lenskart) का एक आंतरिक 'ग्रूमिंग गाइड' दस्तावेज वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर स्टोर कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध की बात कही गई थी, जबकि हिजाब और पगड़ी के लिए अलग दिशानिर्देश थे, इस 'दोहरे मापदंड' को लेकर सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताया विरोध स्वरूप, देश के विभिन्न हिस्सों में लोग लेंसकार्ट के शोरूम पहुंचे और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को तिलक लगाया विवाद बढ़ता देख कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने तुरंत माफी मांगी और स्पष्ट किया कि कंपनी किसी भी धार्मिक प्रतीक पर रोक नहीं लगाती है.


Lenskart Tilak Controversy Peyush Bansal Apology: यह मामला कॉरपोरेट पॉलिसी और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बीच के टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है,वायरल हुए ‘स्टाफ यूनिफॉर्म गाइड’ (फरवरी 2026 वर्जन) में बिंदी और धार्मिक तिलक को ‘नॉट अलाउड’ की श्रेणी में रखा गया था, जिसे भेदभावपूर्ण माना गया, कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें लोग शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ तरीके से स्टोर्स में जाकर ‘तिलक’ लगा रहे हैं, उनका तर्क है कि काम की जगह पर भारतीय पहचान को दबाया नहीं जा सकता 18 अप्रैल 2026 को लेंसकार्ट ने अपनी नई ‘स्टाइल गाइड’ सार्वजनिक रूप से साझा की, इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि बहारतीय संस्कृति के सभी प्रतीक— चाहे वो बिंदी हो, तिलक हो, सिंदूर हो या हिजाब— पूरी तरह स्वीकार्य हैं, पीयूष बंसल ने कहा कि “लेंसकार्ट भारत में बना है और यहां काम करने वाले 2400+ लोग अपनी मान्यताओं और परंपराओं को गर्व से साथ लाते हैं, हम किसी को भी अपनी पहचान दरवाजे पर छोड़कर आने को नहीं कहते.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-19 23:06:15


Lenskart Tilak Controversy Peyush Bansal Apology: यह मामला कॉरपोरेट पॉलिसी और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बीच के टकराव का एक बड़ा उदाहरण बन गया है,वायरल हुए ‘स्टाफ यूनिफॉर्म गाइड’ (फरवरी 2026 वर्जन) में बिंदी और धार्मिक तिलक को ‘नॉट अलाउड’ की श्रेणी में रखा गया था, जिसे भेदभावपूर्ण माना गया, कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें लोग शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ तरीके से स्टोर्स में जाकर ‘तिलक’ लगा रहे हैं, उनका तर्क है कि काम की जगह पर भारतीय पहचान को दबाया नहीं जा सकता 18 अप्रैल 2026 को लेंसकार्ट ने अपनी नई ‘स्टाइल गाइड’ सार्वजनिक रूप से साझा की, इसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि बहारतीय संस्कृति के सभी प्रतीक— चाहे वो बिंदी हो, तिलक हो, सिंदूर हो या हिजाब— पूरी तरह स्वीकार्य हैं, पीयूष बंसल ने कहा कि “लेंसकार्ट भारत में बना है और यहां काम करने वाले 2400+ लोग अपनी मान्यताओं और परंपराओं को गर्व से साथ लाते हैं, हम किसी को भी अपनी पहचान दरवाजे पर छोड़कर आने को नहीं कहते.

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