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HomeVideosलेंसकार्ट में ‘तिलक’ पर संग्राम, नाज़िया इलाही खान ने मैनेजर को हड़काया, सोशल मीडिया पर भारी बवाल के बाद कंपनी ने मांगी माफ़ी!

लेंसकार्ट में ‘तिलक’ पर संग्राम, नाज़िया इलाही खान ने मैनेजर को हड़काया, सोशल मीडिया पर भारी बवाल के बाद कंपनी ने मांगी माफ़ी!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-21 17:48:16

अप्रैल 2026 में मुंबई के एक लेंसकार्ट शोरूम में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब सामाजिक कार्यकर्ता नाज़िया इलाही खान वहां अपनी टीम के साथ पहुंची नाज़िया का आरोप था कि कंपनी की एक आंतरिक 'ग्रूमिंग पॉलिसी' के तहत हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाने और कलावा बांधने पर टोक़ा जाता है, वीडियो में वे मैनेजर मोहसिन खान को डांटते हुए और स्टाफ को जबरन तिलक लगाते हुए देखी जा सकती हैं, यह मामला तब और गरमा गया जब सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट का एक कथित 'स्टाइल गाइड' लीक हुआ, जिसमें बिंदी और तिलक पर रोक थी लेकिन हिजाब और पगड़ी को अनुमति दी गई थी.


Nazia Ilahi Khan Lenskart Mumbai Controversy 2026: यह घटना भारतीय कॉर्पोरेट जगत में धार्मिक समावेशिता (Inclusivity) को लेकर एक बड़ी मिसाल बन गई है, नाज़िया ने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी को तिलक लगाने की वजह से ट्रेनिंग के दौरान अपमानित किया गया था, उन्होंने मौके पर ही “जय श्री राम” के नारे लगवाए और स्टाफ को तिलक लगाया विवाद बढ़ता देख संस्थापक पीयूष बंसल ने स्पष्ट किया कि वायरल दस्तावेज “आउटडेटेड” (पुराना) था और कंपनी की वर्तमान विचारधारा को नहीं दर्शाता, उन्होंने स्वीकार किया कि इसे पहले ही सुधारा जाना चाहिए था, 19 अप्रैल 2026 को लेंसकार्ट ने सार्वजनिक रूप से एक नया मैनुअल जारी किया, इसमें स्पष्ट किया गया है कि कंपनी भारतीय संस्कृति का सम्मान करती है और हर कर्मचारी को अपनी आस्था के प्रतीक (जैसे तिलक, सिंदूर, हिजाब) पहनने का पूरा अधिकार है, इस मामले में सोशल मीडिया पर #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा था, जिसके दबाव में कंपनी को 24 घंटे के भीतर अपनी नीतियों में पारदर्शी बदलाव करने पड़े.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-21 17:48:16


Nazia Ilahi Khan Lenskart Mumbai Controversy 2026: यह घटना भारतीय कॉर्पोरेट जगत में धार्मिक समावेशिता (Inclusivity) को लेकर एक बड़ी मिसाल बन गई है, नाज़िया ने आरोप लगाया कि एक कर्मचारी को तिलक लगाने की वजह से ट्रेनिंग के दौरान अपमानित किया गया था, उन्होंने मौके पर ही “जय श्री राम” के नारे लगवाए और स्टाफ को तिलक लगाया विवाद बढ़ता देख संस्थापक पीयूष बंसल ने स्पष्ट किया कि वायरल दस्तावेज “आउटडेटेड” (पुराना) था और कंपनी की वर्तमान विचारधारा को नहीं दर्शाता, उन्होंने स्वीकार किया कि इसे पहले ही सुधारा जाना चाहिए था, 19 अप्रैल 2026 को लेंसकार्ट ने सार्वजनिक रूप से एक नया मैनुअल जारी किया, इसमें स्पष्ट किया गया है कि कंपनी भारतीय संस्कृति का सम्मान करती है और हर कर्मचारी को अपनी आस्था के प्रतीक (जैसे तिलक, सिंदूर, हिजाब) पहनने का पूरा अधिकार है, इस मामले में सोशल मीडिया पर #BoycottLenskart ट्रेंड करने लगा था, जिसके दबाव में कंपनी को 24 घंटे के भीतर अपनी नीतियों में पारदर्शी बदलाव करने पड़े.

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