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RBI MPC Meeting: रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव, RBI गवर्नर ने बताया कारण, जानें किसके लिए राहत तो किनकी बढ़ेगी मुश्किलें?

RBI की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और अपनी तटस्थ नीति को बरकरार रखने का निर्णय लिया

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Last Updated: August 5, 2026 19:07:11 IST

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New Repo Rate: अगर आप नया घर खरीदने या किसी अन्य वजह से लोन लेने का सोच रहे हैं  इंतजार कर रहे हैं कि जब लोन सस्ता होगा ,तब लेंगे तो भूल जाइये! क्योंकि RBI ने ब्याज दर को 5.25% पर बरकरार रखा है. इसका अर्थ ये हुआ कि नए लोन की तरह मौजूदा लोन और EMI भी सस्ती नहीं होंगी.

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि दुनियाभर में जारी उठापटक की वजह से महंगाई बढ़ी है. इसके चलते फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

बढ़ेगी महंगाई 

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.7% और खुदरा मुद्रास्फीति दर 5.0% रहने का अनुमान लगाया है. साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि दिसंबर तिमाही में कीमतों पर दबाव 5.9% तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसमें कमी आएगी. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और अपनी तटस्थ नीति को बरकरार रखने का निर्णय लिया. हालांकि नवीनतम अनुमान आरबीआई के जून 2026 के मौद्रिक नीति आकलन से थोड़ा बेहतर हैं, जिसमें वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि 6.6% और मुद्रास्फीति 5.1% रहने का अनुमान लगाया गया था.

मुद्रास्फीति के संबंध में, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सीपीआई मुद्रास्फीति 4.7%, तीसरी तिमाही में 5.9% और चौथी तिमाही में 5.5% रहने का अनुमान लगाया है. वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति 5.3% रहने का अनुमान है, जबकि पूरे वर्ष के लिए कोर मुद्रास्फीति 4.3% रहने का अनुमान है.

रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव 

नीतिगत रेपो दर को अपरिवर्तित रखने के निर्णय की व्याख्या करते हुए राज्यपाल संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि हालिया मुद्रास्फीति में वृद्धि व्यापक नहीं थी, बल्कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हुई थी. उन्होंने कहा कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति का दबाव नियंत्रण में है, जिसके चलते एमपीसी ने रेपो दर को 5.25% पर और अपनी तटस्थ नीति को बरकरार रखा है. बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम समय के लिए कर्ज देता है। इसी दर के आधार पर बैंक अपने लोन की ब्याज दर तय करते हैं. RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC हर तीन महीने में इसकी समीक्षा करती है.

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New Repo Rate: अगर आप नया घर खरीदने या किसी अन्य वजह से लोन लेने का सोच रहे हैं  इंतजार कर रहे हैं कि जब लोन सस्ता होगा ,तब लेंगे तो भूल जाइये! क्योंकि RBI ने ब्याज दर को 5.25% पर बरकरार रखा है. इसका अर्थ ये हुआ कि नए लोन की तरह मौजूदा लोन और EMI भी सस्ती नहीं होंगी.

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 5 अगस्त को बताया कि दुनियाभर में जारी उठापटक की वजह से महंगाई बढ़ी है. इसके चलते फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

बढ़ेगी महंगाई 

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.7% और खुदरा मुद्रास्फीति दर 5.0% रहने का अनुमान लगाया है. साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि दिसंबर तिमाही में कीमतों पर दबाव 5.9% तक पहुंच जाएगा, जिसके बाद इसमें कमी आएगी. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और अपनी तटस्थ नीति को बरकरार रखने का निर्णय लिया. हालांकि नवीनतम अनुमान आरबीआई के जून 2026 के मौद्रिक नीति आकलन से थोड़ा बेहतर हैं, जिसमें वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी वृद्धि 6.6% और मुद्रास्फीति 5.1% रहने का अनुमान लगाया गया था.

मुद्रास्फीति के संबंध में, केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सीपीआई मुद्रास्फीति 4.7%, तीसरी तिमाही में 5.9% और चौथी तिमाही में 5.5% रहने का अनुमान लगाया है. वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही के लिए मुद्रास्फीति 5.3% रहने का अनुमान है, जबकि पूरे वर्ष के लिए कोर मुद्रास्फीति 4.3% रहने का अनुमान है.

रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव 

नीतिगत रेपो दर को अपरिवर्तित रखने के निर्णय की व्याख्या करते हुए राज्यपाल संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि हालिया मुद्रास्फीति में वृद्धि व्यापक नहीं थी, बल्कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच खाद्य और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हुई थी. उन्होंने कहा कि अंतर्निहित मुद्रास्फीति का दबाव नियंत्रण में है, जिसके चलते एमपीसी ने रेपो दर को 5.25% पर और अपनी तटस्थ नीति को बरकरार रखा है. बता दें कि रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर RBI बैंकों को कम समय के लिए कर्ज देता है। इसी दर के आधार पर बैंक अपने लोन की ब्याज दर तय करते हैं. RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी, यानी MPC हर तीन महीने में इसकी समीक्षा करती है.

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