Rajeev Shukla on Ajit Agarkar: अजीत अगरकर के भारत के मुख्य चयनकर्ता के रूप में भविष्य को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा चल रही थी, खासकर 2027 आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए. लेकिन अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल स्थिरता और निरंतरता को प्राथमिकता दे रहा है. इसी वजह से अगरकर का कार्यकाल एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. यह फैसला टीम के आगामी बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस मुद्दे पर कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि बोर्ड की सामूहिक सहमति और लगातार मीटिंग से लिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर ही हर नियुक्ति और कार्यकाल से जुड़ा फैसला लिया जाता है. शुक्ला के अनुसार, सही समय पर बोर्ड सभी पहलुओं का आकलन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेता है.
अजीत अगरकर के कार्यकाल को अब तक काफी सफल माना जा रहा है. अक्टूबर 2023 में पद संभालने के बाद मार्च 2026 तक उनकी चयन समिति के तहत भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इस अवधि में भारत ने चार आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई और उनमें से तीन खिताब अपने नाम किए. इनमें दो टी20 वर्ल्ड कप और एक आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है, जो टीम की निरंतर सफलता को दर्शाता है.
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र के अनुसार, अगरकर ने खुद अपने कार्यकाल के विस्तार की मांग नहीं की थी. नियमों के अनुसार, कोई भी चयनकर्ता अधिकतम तय अवधि तक ही पद पर रह सकता है. उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े और साहसिक फैसले भी देखने को मिले, जिनमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों का टेस्ट क्रिकेट से अलग होना, मोहम्मद शमी का धीरे-धीरे टीम से बाहर जाना और शुभमन गिल की जगह टी20 वर्ल्ड कप में ईशान किशन को प्राथमिकता देना शामिल है. मजबूत नतीजों और टीम के निरंतर प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए आगे बढ़ने का निर्णय लिया है.