Pakistan cricket team: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन ने पूर्व कप्तान मोइन खान की चिंता बढ़ा दी है. 69 टेस्ट और 219 वनडे खेल चुके पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज का मानना है कि अगर टीम के प्रदर्शन में जल्द सुधार नहीं आया तो पाकिस्तान क्रिकेट के सामने भविष्य में गंभीर संकट खड़ा हो सकता है. उन्होंने यहां तक चेतावनी दी कि लगातार गिरावट जारी रहने पर दुनिया की शीर्ष टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज आयोजित करना भी मुश्किल हो सकता है.
तीनों फॉर्मेट में संघर्ष, टेस्ट क्रिकेट की हालत चिंताजनक
मोइन खान ने एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि टीम इस समय तीनों फॉर्मेट में संघर्ष कर रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट की स्थिति विशेष रूप से चिंता पैदा करने वाली है. पूर्व कप्तान के मुताबिक अगर टीम का प्रदर्शन इसी तरह नीचे जाता रहा तो पाकिस्तान क्रिकेट में दर्शकों और प्रशंसकों की दिलचस्पी भी कम हो सकती है. उनका मानना है कि लगातार कमजोर नतीजों का असर सिर्फ रैंकिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पाकिस्तान की विश्व क्रिकेट में स्थिति पर भी पड़ेगा.
टॉप टीमों के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर भी मंडरा सकता है खतरा
मोइन खान ने पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह जताई कि टीम अगर विश्व क्रिकेट के निचले स्तर की टीमों में पहुंचती है तो शीर्ष देशों के साथ द्विपक्षीय सीरीज तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
उनके मुताबिक बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने के लिए मजबूत प्रदर्शन और विश्वसनीय क्रिकेट सिस्टम जरूरी है. अगर पाकिस्तान लगातार अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता खोता रहा तो भविष्य में मजबूत टीमों के साथ नियमित द्विपक्षीय मुकाबले हासिल करना आसान नहीं होगा. पूर्व कप्तान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयनकर्ताओं की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कप्तान, कोच और खिलाड़ियों में लगातार बदलाव हुए हैं, जिससे टीम में स्थिरता खत्म हुई है.
PCB में बदलावों का असर सिस्टम पर पड़ने का आरोप
मोइन खान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जाहिर की. उनका कहना है कि बोर्ड में चेयरमैन और प्रबंधन बदलने के साथ ही क्रिकेट सिस्टम में भी बदलाव शुरू हो जाते हैं. उनके मुताबिक हर नया प्रशासन अपनी अलग दिशा तय करने लगता है, जबकि क्रिकेट व्यवस्था को लंबे समय की स्थिर नीति की जरूरत होती है. पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि बोर्ड में फैसलों का तरीका कई बार इस बात से प्रभावित होता दिखाई देता है कि उस समय संस्था में किसके पास अधिक प्रभाव या ताकत है. उनका मानना है कि इससे क्रिकेट सिस्टम में भरोसा कमजोर होता है. मोइन खान ने मौजूदा खिलाड़ियों को भी पूरी तरह जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया. उन्होंने कहा कि कई खिलाड़ी अपनी तकनीक और क्रिकेटिंग टेंपरामेंट को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त समय और मेहनत नहीं दे रहे हैं.
पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी को लेकर भी चिंता
मोइन खान ने पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चिंता जताई. उनका मानना है कि मौजूदा दौर के कई गेंदबाज लंबे समय तक कड़ी मेहनत और अभ्यास करने के लिए उतने तैयार नहीं दिखते, जितनी मेहनत उनके दौर के महान गेंदबाज किया करते थे. उन्होंने वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अख्तर जैसे दिग्गजों के साथ खेलने का अनुभव याद करते हुए कहा कि किसी भी तरह की पिच पर प्रभावी गेंदबाजी और अपनी रफ्तार को निखारने के लिए लंबे समय तक नेट्स में मेहनत करनी पड़ती है.