Akku Yadav Case: आज हम आपको क्राइम की दुनिया का एक ऐसा किस्सा सुनाएंगे. जिसके बारे में सुनकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे. दरअसल, पूरा मामला यह है कि एक खचाखच भरे कोर्टरूम के अंदर एक आदमी के मुंह में लाल मिर्च पाउडर ठूंस दिया गया, उसके प्राइवेट पार्ट्स चाकू से काट दिए गए और उसका सिर उसके शरीर से अलग कर दिया गया. यह काम लगभग 400 महिलाओं ने मिलकर किया था.
इस पूरी घटना के बारे में जानने के बाद आप जरूर सोच रहे होंगे आखिर इसके साथ ऐसा क्यों किया गया? कौन था ये? तो चलिए हम आपको एक-एक सवालों का जवाब देते हैं.
कौन था अक्कू यादव?
असल में जिस आदमी का इतना क्रूर अंत हुआ, वह कोई और नहीं, बल्कि अक्कू यादव उर्फ भरत कालिचरण था. बताया जाता है कि इस अकेले आदमी ने हर उम्र की महिलाओं चाहे वो जवान लड़कियां हों, अधेड़ उम्र की महिलाएं हों या बुजुर्ग महिला हो, सबके साथ घिनौना काम कर चुका था. इन्होंने 100 से ज्यादा महिलाओं को अपना शिकार बनाया था.
कहां का रहने वाला था अक्कू यादव?
नागपुर जिले के कस्तूरबा नगर का रहने वाला अक्कू यादव उर्फ भरत कालीचरण झुग्गियों में बिताए बचपन से उठकर एक बड़ा गैंगस्टर बन गया था. उसने अपने आपराधिक करियर की शुरुआत छोटे-मोटे अपराधों से की थी. उसका जन्म लगभग 1971 में महाराष्ट्र के नागपुर के बाहरी इलाके में हुआ था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसका नाम पहली बार 1991 में सामने आया, जब उस पर एक गैंगरेप में शामिल होने का आरोप लगा. यही वह मामला था जिसने उसे रातों-रात कुख्यात बना दिया.
कोर्ट में दी घिनौनी मौत
13 अगस्त, 2004 को अक्कू यादव की कोर्ट में पेशी होने वाली थी. शहर की हर महिलाओं को इस बात की जानकारी थी कि कोर्ट नंबर 7 में आरोपी की पेशी होने वाली थी. कोर्ट रूम में खचाखच भीड़ थी. पुलिस खचाखच भरे कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी अक्कू यादव को लेकर पहुंची. जैसे ही पुलिस अक्कू यादव को लेकर कोर्ट नंबर 7 में पहुंची तो महिलाओं ने उनपर हमला बोल दिया. उसके चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंका और महिलाओं ने उसके बदन पर चाकू और पत्थरों से वार किया. महिलाओं की भीड़ के बीच वो नजर नहीं आ रहा था. इस बीच किसी ने अक्कू यादव का प्राइवेट पार्ट काट दिया. फिर थोड़ी देर के बाद उसकी चीखने चिल्लाने की आवाज आनी बंद हो गई.
फिर वहां मौजूद सभी महिलाओं ने जज से कहा कि हमने दरिंदे को मार दिया है. इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि कुछ दिन बाद ही आरोपी को बरी कर दिया गया.