Hubli Love Jihad: शहरी इलाकों में, जिम और फिटनेस सेंटर अब सिर्फ़ शारीरिक सेहत के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि भरोसे पर बनी जगहें बन गए हैं. लोग इन जगहों पर न सिर्फ़ अपने शरीर को, बल्कि अपनी सुरक्षा और गरिमा को भी सौंपते हैं. हालाँकि, जब इसी भरोसे का गलत फ़ायदा उठाकर किसी की ज़िंदगी बर्बाद कर दी जाती है, तो यह मामला महज़ एक आपराधिक जुर्म से कहीं आगे बढ़कर पूरे समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन जाता है. हुबली से सामने आ रही कहानी ठीक ऐसा ही एक मामला है, जहाँ एक जिम ट्रेनर पर आरोप है कि उसने रिश्तों, भरोसे और प्यार की आड़ में कई युवतियों को अपने जाल में फँसाया और बाद में उन्हें ब्लैकमेल और शोषण का शिकार बनाया.
मिले हैरान कर देने वाले सबूत
यह मामला लगातार और भी ज़्यादा पेचीदा होता जा रहा है. एक तरफ़, पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाए हैं; वहीं दूसरी तरफ़, आरोपी की पहचान समीर के तौर पर हुई है. इसने अपनी सफ़ाई देने के लिए खुद के वीडियो जारी किए हैं. मोबाइल फ़ोन से बरामद वीडियो, और अन्य कथित सबूतों ने इस पूरे मामले को और भी ज़्यादा संवेदनशील बना दिया है. पुलिस पूरी सक्रियता से जाँच में जुटी हुई है, और मामले की सच्चाई अंततः सामने आए सबूतों के आधार पर ही तय की जाएगी.
लड़कियों को खिलाता था गर्भपात की गोलियां
हालात तब बिगड़े जब इस बात की खबर लगी कि वो लड़कियों को जबरन गर्भपात की गोलियाँ खिलाता था और उन्हें इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड करके उसे भेजने के लिए कहता था. जानकारी के मुताबिक कई मामलों में यह खौफ़नाक सिलसिला सिर्फ़ एक या दो बार नहीं, बल्कि 8 से 10 बार हुआ है. सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने इस पूरे घोटाले को जनता की कड़ी जाँच-पड़ताल के घेरे में ला खड़ा किया है. हालाँकि, आरोपी समीर ने इन आरोपों से साफ़ इनकार किया है; उसका दावा है कि उसने खुद ये वीडियो रिकॉर्ड नहीं किए थे, बल्कि ये वीडियो उन युवतियों ने खुद ही रिकॉर्ड किए थे.
जांच में जुटी पुलिस
वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपनी जाँच तेज कर दी है. पीड़िता को मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ उसकी काउंसलिंग भी की गई. इसके साथ ही, आरोपी समीर का भी एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, और उसकी जल्द ही गिरफ़्तारी होने की उम्मीद है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि यह वीडियो किसने बनाया और ये घटनाएं कब हुईं; और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.