Dog Abuse: आज के समय में महिला ही नहीं बल्कि जानवर भी सुरक्षित नहीं है. हैवानों की हवस कहीं भी और कभी भी जाग जाती है. मलाड वेस्ट में एक वेटनरी क्लिनिक के बाहर फुटपाथ पर एक आवारा कुत्ते के साथ यौन दुर्व्यवहार करते हुए पकड़े जाने के बाद 45 साल के एक आदमी को गिरफ्तार कर लिया गया. यह एक स्थानीय निवासी, रुकसाना शेख थीं, जिन्होंने 26 अप्रैल की रात करीब 11:30 बजे शोर मचाकर लोगों को सचेत किया. वो अपनी पालतू बिल्ली के साथ अभी-अभी क्लिनिक से बाहर निकली ही थीं कि उन्होंने यह घिनौनी हरकत होते देखी.
हैवान की रोड पर जागी हैवानियत
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्लिनिक के कर्मचारियों ने आरोपी का सामना किया, जिस पर उसने चिल्लाते हुए कहा कि वो कुत्ता उनका नहीं है. ‘शैडो’ नाम का वो कुत्ता, जो दर्द से कराह रहा था, पास के ही एक डेयरी मालिक का था. इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल किए जाने के बाद मालवानी पुलिस मौके पर पहुंची और उस आदमी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान मलाड ईस्ट के नरेश चंदुलकर के रूप में हुई. उसके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण (PCA) अधिनियम, 1960 के तहत मामला दर्ज किया गया. इस मामले को जो बात बेहद चिंताजनक बनाती है, वह सिर्फ इसकी क्रूरता ही नहीं है. बल्कि यह है कि ऐसी घटनाएं कितनी आम हो गई हैं.
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क्या भारत में पहले भी ऐसा हुआ है?
बार-बार, और परेशान करने वाली आवृत्ति के साथ. PETA इंडिया को अकेले जुलाई 2024 से अब तक जानवरों के साथ यौन उत्पीड़न की 40 से ज़्यादा शिकायतें मिली हैं. पीड़ितों में गाय, कुत्ते, बकरियां और घोड़े शामिल हैं.मुंबई में ही, जनवरी 2026 में मलाड के कुरार गांव में एक सार्वजनिक शौचालय के अंदर दो महीने के पिल्ले के साथ यौन दुर्व्यवहार करते हुए 20 साल के एक युवक को पकड़ा गया था, और फरवरी 2026 में कांदिवली ईस्ट में एक नाले के अंदर एक मादा कुत्ते के साथ यौन दुर्व्यवहार करते हुए 40 साल के एक आदमी को दबोचा गया था. हैदराबाद, कोलकाता, भुवनेश्वर, कोयंबटूर और यहां तक कि महाराष्ट्र के एक टाइगर रिज़र्व से भी ऐसे मामले सामने आए हैं.