Live TV
Search
Home > क्राइम > पहले घर में जाकर खाना खाया, फिर रात में साथियों संग मिलकर कर दी बुजुर्ग दंपती की हत्या, ऐसे खुला खौफनाक राज

पहले घर में जाकर खाना खाया, फिर रात में साथियों संग मिलकर कर दी बुजुर्ग दंपती की हत्या, ऐसे खुला खौफनाक राज

Udaipur elderly couple murder: उदयपुर के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती लहरीलाल पालीवाल और राधाबाई की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोप है कि पड़ोसी कुशल पालीवाल ने कर्ज और पैसों की जरूरत के चलते लूट की साजिश रची. आरोपियों ने दंपती की हत्या के बाद शवों को घर के लोहे के संदूक में छिपा दिया था. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है.

Written By:
Last Updated: August 27, 2026 20:49:36 IST

Mobile Ads 1x1

Udaipur elderly couple murder: उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है. 70 वर्षीय लहरीलाल पालीवाल और उनकी 67 वर्षीय पत्नी राधाबाई की हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को उनके ही घर में रखे बड़े लोहे के संदूक में छिपा दिया था. पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात का मुख्य सूत्रधार कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि दंपती का पड़ोसी कुशल पालीवाल था.

गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

मामला 12 अगस्त को सामने आया, जब लहरीलाल के भाई धुलीराम ने सायरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि लहरीलाल और राधाबाई घर पर नहीं हैं. मकान का मुख्य दरवाजा खुला था और दोनों के मोबाइल भी बंद आ रहे थे. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की. लगातार जांच के दौरान 14 अगस्त को दोनों के शव उनके ही घर के अंदर एक बड़े लोहे के संदूक से बरामद हुए. इसके बाद पुलिस ने एफएसएल, एमओबी, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से जांच शुरू की.

कर्ज बना साजिश की वजह

पुलिस के मुताबिक, कुशल पालीवाल को जानकारी थी कि लहरीलाल ब्याज पर रुपये उधार देते थे और बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते थे. कुशल पर कर्ज था और वह लग्जरी लाइफ का शौकीन था. इसी आर्थिक दबाव में उसने करीब एक से डेढ़ साल पहले लूट की योजना बनानी शुरू की. बाद में उसने गुजरात में रहने वाले चंदन यादव, विकास खरवड और दिलीप चौधरी को साजिश में शामिल किया. गांव के किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल पर भी आरोपियों की मदद करने का आरोप है.

पहले की रेकी, फिर रात में घर में घुसे

पुलिस के अनुसार, आरोपी 9 अगस्त को गुजरात नंबर की ग्रैंड विटारा कार से पुनावली पहुंचे और दंपती के घर की रेकी की. 10 अगस्त को कुशल और चंदन घर पहुंचे. पड़ोसी होने के कारण राधाबाई ने उन्हें अंदर आने दिया और खाना भी खिलाया. हालांकि उस दिन वारदात का मौका नहीं मिला. इसके बाद आरोपियों ने रात में घर में घुसने की योजना बनाई. किशन और जीवन पर किसी बहाने से घर पहुंचे और कुशल के लिए अंदर आने का रास्ता बनाया. कुशल घर में छिप गया और बाद में अपने साथियों को भी बुला लिया.

हत्या के बाद संदूक में छिपाए शव

पुलिस के मुताबिक, रात में दंपती के सो जाने के बाद आरोपियों ने पहले लहरीलाल की हत्या की और फिर राधाबाई को भी मार डाला. इसके बाद घर से नकदी और जेवर लूट लिए गए. दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर लोहे के संदूक में डाल दिया और ऊपर बिस्तर रख दिए गए, ताकि किसी को शक न हो. जांच को भटकाने के लिए आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन अपने साथ ले जाकर हाईवे पर फेंक दिए. दंपती की चप्पलें भी गायब कर दी गईं, जिससे ऐसा लगे कि वे घर से कहीं चले गए हैं.

पांच गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), चंदन यादव (27), दिलीप चौधरी (30), किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) को गिरफ्तार किया है. वारदात में शामिल बताए जा रहे विकास खरवड की तलाश जारी है और पुलिस की एक टीम उसे पकड़ने के लिए गुजरात भेजी गई है. गिरफ्तार आरोपियों से लूटे गए सामान, हथियार और अन्य साक्ष्यों को लेकर पूछताछ की जा रही है.

MORE NEWS

Home > क्राइम > पहले घर में जाकर खाना खाया, फिर रात में साथियों संग मिलकर कर दी बुजुर्ग दंपती की हत्या, ऐसे खुला खौफनाक राज

Written By:
Last Updated: August 27, 2026 20:49:36 IST

Mobile Ads 1x1

Udaipur elderly couple murder: उदयपुर जिले के सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है. 70 वर्षीय लहरीलाल पालीवाल और उनकी 67 वर्षीय पत्नी राधाबाई की हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को उनके ही घर में रखे बड़े लोहे के संदूक में छिपा दिया था. पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात का मुख्य सूत्रधार कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि दंपती का पड़ोसी कुशल पालीवाल था.

गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

मामला 12 अगस्त को सामने आया, जब लहरीलाल के भाई धुलीराम ने सायरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि लहरीलाल और राधाबाई घर पर नहीं हैं. मकान का मुख्य दरवाजा खुला था और दोनों के मोबाइल भी बंद आ रहे थे. पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की. लगातार जांच के दौरान 14 अगस्त को दोनों के शव उनके ही घर के अंदर एक बड़े लोहे के संदूक से बरामद हुए. इसके बाद पुलिस ने एफएसएल, एमओबी, डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम की मदद से जांच शुरू की.

कर्ज बना साजिश की वजह

पुलिस के मुताबिक, कुशल पालीवाल को जानकारी थी कि लहरीलाल ब्याज पर रुपये उधार देते थे और बुजुर्ग दंपती घर में अकेले रहते थे. कुशल पर कर्ज था और वह लग्जरी लाइफ का शौकीन था. इसी आर्थिक दबाव में उसने करीब एक से डेढ़ साल पहले लूट की योजना बनानी शुरू की. बाद में उसने गुजरात में रहने वाले चंदन यादव, विकास खरवड और दिलीप चौधरी को साजिश में शामिल किया. गांव के किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल पर भी आरोपियों की मदद करने का आरोप है.

पहले की रेकी, फिर रात में घर में घुसे

पुलिस के अनुसार, आरोपी 9 अगस्त को गुजरात नंबर की ग्रैंड विटारा कार से पुनावली पहुंचे और दंपती के घर की रेकी की. 10 अगस्त को कुशल और चंदन घर पहुंचे. पड़ोसी होने के कारण राधाबाई ने उन्हें अंदर आने दिया और खाना भी खिलाया. हालांकि उस दिन वारदात का मौका नहीं मिला. इसके बाद आरोपियों ने रात में घर में घुसने की योजना बनाई. किशन और जीवन पर किसी बहाने से घर पहुंचे और कुशल के लिए अंदर आने का रास्ता बनाया. कुशल घर में छिप गया और बाद में अपने साथियों को भी बुला लिया.

हत्या के बाद संदूक में छिपाए शव

पुलिस के मुताबिक, रात में दंपती के सो जाने के बाद आरोपियों ने पहले लहरीलाल की हत्या की और फिर राधाबाई को भी मार डाला. इसके बाद घर से नकदी और जेवर लूट लिए गए. दोनों शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर लोहे के संदूक में डाल दिया और ऊपर बिस्तर रख दिए गए, ताकि किसी को शक न हो. जांच को भटकाने के लिए आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन अपने साथ ले जाकर हाईवे पर फेंक दिए. दंपती की चप्पलें भी गायब कर दी गईं, जिससे ऐसा लगे कि वे घर से कहीं चले गए हैं.

पांच गिरफ्तार, एक आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने कुशल उर्फ खुशी पालीवाल (26), चंदन यादव (27), दिलीप चौधरी (30), किशन पालीवाल (21) और जीवन पालीवाल (21) को गिरफ्तार किया है. वारदात में शामिल बताए जा रहे विकास खरवड की तलाश जारी है और पुलिस की एक टीम उसे पकड़ने के लिए गुजरात भेजी गई है. गिरफ्तार आरोपियों से लूटे गए सामान, हथियार और अन्य साक्ष्यों को लेकर पूछताछ की जा रही है.

MORE NEWS