Biswajeet Chatterjee Kissed Rekha: आज जिस रेखा की खूबसूरती, अदाकारी और दिलकश अदाओं के लाखों लोग दीवाने हैं, उनके शुरुआती फिल्मी सफर की एक घटना आज भी सवाल खड़े करती है. महज 15 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली रेखा को एक ऐसे किसिंग सीन का सामना करना पड़ा, जिसके बारे में कथित तौर पर उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी. फिल्म के सेट पर कैमरा चलता रहा और इस घटना ने बाद में बड़े विवाद का रूप ले लिया.
जब अचानक शुरू हुआ किसिंग सीन
यह किस्सा साल 1969 में फिल्माई गई फिल्म ‘अंजाना सफर’ से जुड़ा है, जिसमें रेखा के साथ अभिनेता बिस्वजीत चटर्जी नजर आए थे. मीडिया में प्रकाशित पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, निर्देशक राजा नवाथे रेखा के चेहरे पर स्वाभाविक हैरानी और प्रतिक्रिया कैमरे में कैद करना चाहते थे. बताया जाता है कि जैसे ही निर्देशक ने ‘एक्शन’ कहा, बिस्वजीत ने रेखा को पकड़कर किस करना शुरू कर दिया. रेखा इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध रह गईं. रिपोर्टों के अनुसार, वह अपनी आंखें बंद किए रहीं और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. कथित तौर पर यह सीन करीब पांच मिनट तक चलता रहा. शॉट खत्म होने के बाद सेट पर मौजूद लोगों की सीटियों और तालियों का जिक्र भी इस घटना से जुड़ी खबरों में मिलता है.
बेटी ने भी पिता के फैसले पर उठाए सवाल
सालों बाद यह मामला फिर चर्चा में आया, तो बिस्वजीत चटर्जी की बेटी और अभिनेत्री पल्लवी चटर्जी की प्रतिक्रिया भी सामने आई. रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने माना कि इतनी कम उम्र की लड़की को पहले से बताए बिना इस तरह के सीन में शामिल करना गलत था. उनका कहना था कि निर्देशक का दबाव होने के बावजूद उनके पिता को इस सीन के लिए मना कर देना चाहिए था. इस प्रतिक्रिया ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की सहमति और सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी.
ये भी पढ़ें: Rise and Fall 2: ‘जब मैं बेडरूम में पहुंचा, तो वो लड़के के साथ…’ तेज प्रताप यादव ने ऐश्वर्या पर लगाए ये आरोप
बिस्वजीत ने क्या दी थी सफाई?
दूसरी ओर, बिस्वजीत चटर्जी ने इस घटना के संबंध में निर्देशक के निर्देशों का हवाला दिया था. उनके मुताबिक, यह सीन रेखा की स्वाभाविक प्रतिक्रिया रिकॉर्ड करने के उद्देश्य से फिल्माया गया था. हालांकि, इस सफाई से कलाकार की सहमति से जुड़ा सवाल खत्म नहीं होता. इस सीन को लेकर विवाद और सेंसर संबंधी अड़चनों की खबरें भी सामने आईं. फिल्म को लंबे समय तक रिलीज का इंतजार करना पड़ा और आखिरकार यह 1979 में ‘दो शिकारी’ नाम से सिनेमाघरों तक पहुंची.