Alka Kaushal Cheque Bounce Case: कई बॉलीवुड स्टार्स अपनी फिल्मों से ज़्यादा अपनी कानूनी लड़ाइयों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं. ऐसा ही एक नाम है एक्ट्रेस अलका कौशल, जिन्हें दर्शक बजरंगी भाईजान, क्वीन और कई पॉपुलर टीवी सीरियल्स में अपने दमदार रोल्स के लिए जानते हैं. हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब उन्हें चेक बाउंस केस में कोर्ट ने दो साल जेल की सज़ा सुनाई थी. हालांकि, बाद में उन्हें इस केस में कानूनी राहत मिल गई.
अलका कौशल कौन हैं?
अलका कौशल हिंदी फिल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री की एक जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. अपने पूरे करियर में, उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज़ में दमदार रोल्स निभाए हैं. सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म बजरंगी भाईजान में उनके रोल को क्रिटिक्स की तारीफ़ मिली थी. वह क्वीन, धर्मवीर, स्वरागिनी, कुमकुम भाग्य और कई दूसरे प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 2017 के एक चेक बाउंस विवाद से जुड़ा है. शिकायत करने वाले गुलशन अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अलका कौशल और उनकी मां को फिल्म और टीवी प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्टमेंट के लिए फाइनेंशियल मदद दी थी. बाद में, एग्रीमेंट के मुताबिक, उन्हें ₹1.5 मिलियन (1.5 मिलियन रुपये) का चेक दिया गया. लेकिन, जब बैंक में पेश किया गया, तो पैसे कम होने की वजह से चेक बाउंस हो गया. बाद में यह मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 के सेक्शन 138 के तहत कोर्ट पहुंचा.
कोर्ट ने अलका कौशल को दोषी ठहराया
ट्रायल कोर्ट ने अलका कौशल को दोषी ठहराया और उन्हें दो साल की सिंपल जेल और 30 लाख के जुर्माने की सज़ा सुनाई. बाद में अपील कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा. फिर यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा.
अलका कौशल को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली
अप्रैल 2025 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने सज़ा को बरकरार रखा लेकिन उसमें काफ़ी बदलाव किया. अलका की उम्र, पारिवारिक हालात और दूसरे मानवीय कारणों को देखते हुए, कोर्ट ने सज़ा घटाकर दो साल जेल कर दी और सिर्फ़ 30 लाख का जुर्माना लगाया. अगर तय समय में जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो सज़ा घटाकर छह महीने की सिंपल जेल कर दी जाएगी. कोर्ट ने शिकायत करने वाले के पहले से जमा किए गए 15 लाख को भी रिलीज़ करने का आदेश दिया.
अलका कौशल का फ़िल्मों से कोर्ट तक का सफ़र
अलका कौशल ने इतने सालों में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है, लेकिन यह कानूनी लड़ाई भी उनके करियर का एक अहम हिस्सा बन गई. हालांकि हाई कोर्ट के फ़ैसले से उन्हें जेल की सज़ा से राहत मिल गई, लेकिन उनकी सज़ा बनी रही.