Ashu Reddy Case: हैदराबाद पुलिस ने बिग बॉस फेम आशु रेड्डी और उनके परिवार के खिलाफ शादी का झांसा देकर लंदन में रहने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से कथित तौर पर 9.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है. शिकायतकर्तालशेखपेट के येनुमुला सत्यनारायण मूर्ति ने आरोप लगाया कि आशु रेड्डी ने 2018 में उनके बेटे Y.V. धर्मेंद्र से शादी करने का वादा किया था और कारों, सोने और प्रॉपर्टी के नाम पर पैसे लिए, जिसमें मणिकोंडा में एक फ्लैट के लिए 1.80 करोड़ रुपये भी शामिल थे.
शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने दो बार जुलाई 2020 और जुलाई 2025 में शादी करने से इनकार कर दिया और अभिनेत्री हेमा की मध्यस्थता के दौरान दिए गए कोरे चेक फाड़ दिए. उनके माता-पिता और बहन पर भी इस मामले में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में BNS की धारा 318(4) r/w 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता की पहचान लंदन में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर वाई के धर्मेंद्र के रूप में हुई है. जिसने दावा किया है कि वह 2018 में हैदराबाद में आशु रेड्डी से मिला था. उसके मुताबिक पहली मुलाकात के बाद ही आशु ने उसके प्रति अपने प्यार का इज़हार किया और उससे शादी करने का वादा किया, जिसके बाद दोनों एक रोमांटिक रिश्ते में आ गए. बाद में धर्मेंद्र ने आशु पर कई तरह के खर्चों के लिए उससे पैसों की मदद मांगने का आरोप लगाया.
उसने बताया कि उन्होंने सोना, एक कार और कुछ प्रॉपर्टी खरीदने में बड़ी रकम खर्च की, जिन्हें उन्होंने आशु के नाम पर रजिस्टर करवाया. शिकायत में यह भी कहा गया है कि आशु के परिवार वालों ने धर्मेंद्र को शादी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन जब धर्मेंद्र ने उनसे शादी की बात आगे बढ़ाई तो वे उस पर हंसने लगे.
शिकायतकर्ता का क्या है दावा?
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरे मामले में उसे करीब ₹9.35 करोड़ का नुकसान हुआ है. शिकायत में यह भी बताया गया है कि आशु रेड्डी की बहन ने उससे लगभग ₹50 लाख की उगाही की. पुलिस ने इन आरोपों की जांच शुरू कर दी है और इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. आशु रेड्डी को सोशल मीडिया पोस्ट और ‘बिग बॉस तेलुगु’ रियलिटी शो में हिस्सा लेने से पहचान मिली थी; इसके अलावा वह राम गोपाल वर्मा के एक इंटरव्यू में भी नज़र आई थीं. पुलिस सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि मामले की जांच चल रही है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी.