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Home > मनोरंजन > विलेन के दमदार किरदारों से पहचान बनाने वाले भरत कपूर का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

विलेन के दमदार किरदारों से पहचान बनाने वाले भरत कपूर का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Bharat Kapoor Death: बॉलीवुड के जाने-माने वेटरन एक्टर भरत कपूर का निधन हो गया है. 80 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. भरत कपूर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और घर पर ही उनकी देखभाल की जा रही थी.

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Last Updated: April 27, 2026 22:20:57 IST

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Bharat Kapoor Passes Away: बॉलीवुड के जाने-माने वेटरन एक्टर भरत कपूर का निधन हो गया है. 80 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. भरत कपूर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और घर पर ही उनकी देखभाल की जा रही थी.
 
इससे पहले, उनका अस्पताल में भी इलाज चल रहा था. एक्टर अवतार गिल ने उनके निधन की खबर की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि भरत कपूर की तबीयत अचानक बहुत ज़्यादा बिगड़ गई थी और सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.
 

शाम को हुआ एक्टर का अंतिम संस्कार

उनका अंतिम संस्कार शाम 6:30 बजे परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया. अभिनेता और करीबी दोस्त अवतार गिल ने इंडिया टुडे को बताया कि मैं अभी-अभी श्मशान घाट से लौटा हूं, जहां शाम 6:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ. उनका निधन आज दोपहर अस्पताल में हुआ. पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. पिछले कुछ दिनों में, उनके शरीर के कई जरूरी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
 

चार दशकों तक स्क्रीन पर राज किया

भरत कपूर ने 1972 में फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की और करीब चार दशकों तक स्क्रीन पर एक जाना-पहचाना चेहरा बने रहे. भरत अपने सपोर्टिंग रोल्स और विलेन के किरदारों के लिए जाने जाते थे. 1970, 80 और 90 के दशक में वे हिंदी सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए थे.
 
उन्होंने कई मशहूर फिल्मों में काम किया, जिनमें नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाज़ार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992), और रंग (1993) शामिल हैं.
 

इन फिल्मों में दिखाया अपना हुनर

ऊपर बताई गई फिल्मों के अलावा, भरत कपूर बरसात (1995), साजन चले ससुराल (1996), और मीनाक्षी: ए टेल ऑफ़ थ्री सिटीज़ (2004) जैसी फिल्मों में भी नजर आए, जिनमें उन्होंने हर दौर के बदलते ट्रेंड्स के हिसाब से खुद को ढालने की अपनी जबरदस्त काबिलियत का प्रदर्शन किया. फ़िल्मों के अलावा, भरत कपूर ने कैंपस, परंपरा, राहत, सांस, अमानत, तारा, चुनौती और कहानी चंद्रकांता की जैसे शो के ज़रिए टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई. उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अलग-अलग माध्यमों में सहजता से काम करने में सक्षम बनाया.

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Last Updated: April 27, 2026 22:20:57 IST

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Bharat Kapoor Passes Away: बॉलीवुड के जाने-माने वेटरन एक्टर भरत कपूर का निधन हो गया है. 80 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. भरत कपूर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और घर पर ही उनकी देखभाल की जा रही थी.
 
इससे पहले, उनका अस्पताल में भी इलाज चल रहा था. एक्टर अवतार गिल ने उनके निधन की खबर की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि भरत कपूर की तबीयत अचानक बहुत ज़्यादा बिगड़ गई थी और सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.
 

शाम को हुआ एक्टर का अंतिम संस्कार

उनका अंतिम संस्कार शाम 6:30 बजे परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया. अभिनेता और करीबी दोस्त अवतार गिल ने इंडिया टुडे को बताया कि मैं अभी-अभी श्मशान घाट से लौटा हूं, जहां शाम 6:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ. उनका निधन आज दोपहर अस्पताल में हुआ. पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. पिछले कुछ दिनों में, उनके शरीर के कई जरूरी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था.
 

चार दशकों तक स्क्रीन पर राज किया

भरत कपूर ने 1972 में फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की और करीब चार दशकों तक स्क्रीन पर एक जाना-पहचाना चेहरा बने रहे. भरत अपने सपोर्टिंग रोल्स और विलेन के किरदारों के लिए जाने जाते थे. 1970, 80 और 90 के दशक में वे हिंदी सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए थे.
 
उन्होंने कई मशहूर फिल्मों में काम किया, जिनमें नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाज़ार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992), और रंग (1993) शामिल हैं.
 

इन फिल्मों में दिखाया अपना हुनर

ऊपर बताई गई फिल्मों के अलावा, भरत कपूर बरसात (1995), साजन चले ससुराल (1996), और मीनाक्षी: ए टेल ऑफ़ थ्री सिटीज़ (2004) जैसी फिल्मों में भी नजर आए, जिनमें उन्होंने हर दौर के बदलते ट्रेंड्स के हिसाब से खुद को ढालने की अपनी जबरदस्त काबिलियत का प्रदर्शन किया. फ़िल्मों के अलावा, भरत कपूर ने कैंपस, परंपरा, राहत, सांस, अमानत, तारा, चुनौती और कहानी चंद्रकांता की जैसे शो के ज़रिए टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई. उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अलग-अलग माध्यमों में सहजता से काम करने में सक्षम बनाया.

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