Ramayana Review In Hindi: साल 2026 की बड़ी फिल्मों में शामिल 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली ‘रामायण’ आखिरकार 5 नवंबर यानी आज गुरुवार को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच लंबे समय से जबरदस्त उत्साह बना हुआ था. नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आ रही हैं. रिलीज से पहले फिल्म के स्पेशल प्रीमियर में शामिल बॉलीवुड सितारों ने इसकी जमकर तारीफ की थी. लेकिन क्या पर्दे पर भी 4000 करोड़ की यह रामायण दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है?
कैसी है रामायण की कहानी?
नितेश तिवारी की रामायण की शुरुआत देवताओं और असुरों के बीच हुए भयंकर युद्ध से होती है. भगवान विष्णु की कृपा से इंद्र इस युद्ध में जीत हासिल करते हैं. इसके बाद राक्षस पाताल लोक में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर हो जाते हैं. इसी दौरान रावण की मां कैकेसी उसे अपनी शक्ति बढ़ाने, भगवान विष्णु से बदला लेने और कुबेर से लंका वापस लेने के लिए प्रेरित करती हैं. इसके बाद दशानन तपस्या करता है और ब्रह्मा जी प्रकट होकर उसे वरदान देते हैं.
अमर होने की इच्छा पूरी नहीं होने पर रावण ऐसा वरदान मांगता है, जिससे उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है. इसके बाद वह इंद्र को भी परास्त कर देता है. कहानी आगे बढ़ती है और भगवान राम के जन्म की ओर पहुंचती है. फिल्म में रामायण की कथा जटायु के जरिए सुनाई जाती है, जिन्हें अनुपम खेर ने अपनी आवाज दी है. वहीं, मंथरा कैकेयी के मन में राम और भरत को लेकर भेदभाव पैदा करती नजर आती हैं.
एक्टिंग में यश ने मारी बाजी
फिल्म में सबसे दमदार एंट्री रावण के किरदार की है. यश अपने अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस से प्रभावित करते हैं. उनका रावण अवतार काफी पावरफुल नजर आता है और कई मौकों पर वह दूसरे कलाकारों पर भारी पड़ते हैं. वहीं, रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आते हैं, लेकिन उनके एक्सप्रेशन कई जगह एक जैसे लगते हैं. चेहरे पर लगातार मुस्कान और संवादों में भगवान राम की सौम्यता दिखाने की कोशिश कुछ दृश्यों में स्वाभाविक नहीं लगती. रवि दुबे भी लक्ष्मण के किरदार में नजर आते हैं. साई पल्लवी माता सीता के किरदार में काफी जमी हैं. उनके चेहरे के भाव और अभिनय कहानी के अलग-अलग मौकों के हिसाब से बदलते हैं. वह अपने किरदार के साथ न्याय करती नजर आती हैं.
डायरेक्शन और वीएफएक्स में रह गई कमी
फिल्म का निर्देशन कुछ जगहों पर प्रभावित करता है, लेकिन कई मामलों में यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता. रणबीर कपूर पर भगवान राम के कुछ संवाद उतने प्रभावशाली नहीं लगते. राम की शालीनता और सौम्यता दिखाने की कोशिश में उनका अभिनय कई बार कमजोर पड़ता है. कुछ दृश्यों में उनके एक्सप्रेशन भी दोहराए हुए महसूस होते हैं. फिल्म का पहला हिस्सा किरदारों को दर्शाना में निकल जाता है, जबकि दूसरे हिस्से की शुरुआत रावण और विद्युतजीह्व के प्रसंग से होती है. इसके बाद लंबे-लंबे फाइटिंग सीन देखने को मिलते हैं, जो कहानी की रफ्तार को धीमा कर देते हैं. खर-दूषण जैसे प्रसंग भी कुछ ज्यादा लंबे महसूस होते हैं. फिल्म को बेहतर एडिटिंग और तेज रफ्तार की जरूरत थी.
क्या 4000 करोड़ की रामायण उम्मीदों पर खरी उतरती है?
कुल मिलाकर रामायण में भव्यता, बड़े कलाकार और दमदार कहानी के कई पहलू मौजूद हैं. यश का रावण अवतार और साई पल्लवी का अभिनय फिल्म की बड़ी खूबियां हैं. हालांकि, रणबीर कपूर के अभिनय, कमजोर पड़ते कुछ संवादों, लंबे फाइटिंग सीन और वीएफएक्स की कमियों के चलते फिल्म हर जगह प्रभाव नहीं छोड़ पाती. फिल्म आपको एक बार जरूर देखने जानी चाहिए, आप अपने पूरे परिवार के साथ भी इस फिल्म का मजा उठा सकते हैं.