रणबीर कपूर का जन्म हिंदी सिनेमा के सबसे प्रसिद्ध परिवारों में से एक में हुआ है, लेकिन जब उन्होंने आखिरकार बॉलीवुड में कदम रखा, तो वे सीधे एक अभिनेता के रूप में फिल्म सेट पर नहीं आ गए. इससे पहले उन्हें पर्दे के पीछे काम करना पड़ा.
2007 में फिल्म ‘सांवरिया’ से स्टार बनने से बहुत पहले, रणबीर ने फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया और सहायक निर्देशक के रूप में काम किया. उन शुरुआती वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ थी, जहां उन्होंने कैमरे के पीछे काम किया, जिसके बाद भंसाली ने आखिरकार उन्हें ‘सांवरिया’ के मुख्य अभिनेता के रूप में लॉन्च किया.
स्टार बनने से पहले कैमरे के पीछे काम करते थे रणबीर कपूर
रणबीर का फिल्म निर्माण से शुरुआती परिचय केवल उनके परिवार तक ही सीमित नहीं था. उन्होंने न्यूयॉर्क के स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स में फिल्म निर्माण की पढ़ाई की और बाद में मुंबई लौट आए, जहां उन्होंने फिल्म सेट पर रहकर इस कला को सीखना शुरू किया. सहायक निर्देशक के रूप में काम करने से उन्हें खुद कैमरे के सामने आने से पहले ही फिल्म निर्माण प्रक्रिया की झलक मिल गई. इसका यह भी मतलब था कि अभिनेता के रूप में आधिकारिक तौर पर पहचाने जाने से पहले ही उनका भंसाली के साथ पहला जुड़ाव हो गया था.
हालांकि, उनकी पहली फिल्म तुरंत हिट नहीं हुई. 2007 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘सांवरिया ‘ से रणबीर और सोनम कपूर दोनों ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उतनी सफलता नहीं मिली जितनी उम्मीद थी, लेकिन रणबीर के अभिनय ने उन्हें एक उभरते हुए सितारे के रूप में स्थापित कर दिया था.
रणबीर कपूर की प्रमुख फ़िल्में
इसके बाद उनका करियर विभिन्न शैलियों और किरदारों से भरा रहा. वेक अप सिड, रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर, राजनीति, रॉकस्टार, बर्फी!, ये जवानी है दीवानी, तमाशा और संजू जैसी फिल्मों ने धीरे-धीरे उनकी कपूर उपनाम से परे एक व्यापक पहचान स्थापित की. ब्रह्मास्त्र और एनिमल जैसी फिल्मों से उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया, जिनमें से एनिमल उनकी सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलताओं में से एक बन गई.
अब रणबीर वे नितेश तिवारी की रामायण और संजय लीला भंसाली की लव एंड वॉर में नज़र आने वाले हैं, वहीं एनिमल पार्क भी उनकी चर्चित आगामी परियोजनाओं में शामिल है.