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Home > मनोरंजन > मुंबई की एक चॉल में करती थीं गुजारा, चुनौतियों से भरी थी ‘मुसाफिर कैफे’ एक्ट्रेस महिमा मकवाना की जिंदगी

मुंबई की एक चॉल में करती थीं गुजारा, चुनौतियों से भरी थी ‘मुसाफिर कैफे’ एक्ट्रेस महिमा मकवाना की जिंदगी

हाल ही में मुसाफिर कैफे में प्रीति का करदार निभाने वाली महिमा मकवाना ने बताया कि उनका बचपन संघर्षों से भरा था. वो एक चॉल में रहती थीं, जहां उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर उनकी परवरिश की थी.

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Last Updated: August 8, 2026 15:34:13 IST

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Musafir Cafe Actress Mahima Makwana: महिमा मकवाना ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ में प्यारी और मनमोहक प्रीति की भूमिका निभाकर लाखों दिलों को जीत लिया है. हालांकि, उनका एक्टिंग का सफर बहुत पहले ही नौ साल की उम्र में शुरू हो चुका था, जब उन्हें बाल कलाकार के रूप में ‘बालिका वधू’ में कास्ट किया गया था और जल्द ही वह भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बन गईं.

हाल ही में उन्होंने बताया कि इनका ये सफर आसान नहीं था और चुनौतियों से भरा हुआ था. जब वो पांच साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उनका पारिवारिक जीवन संघर्षों से भरा था. 

संघर्षों से भरा जीवन 

महिमा के लिए सफलता का सफर आसान नहीं था. स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने अपने बचपन के संघर्षों के बारे में बताया, जब उनके पिता का 5 महीने की उम्र में निधन हो गया था और उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर उनका पालन-पोषण किया था. बातचीत के दौरान महिमा ने बताया कि उन्होंने अपना बचपन मुंबई की एक चॉल में बिताया था. 

उन्होंने कहा, “मुझे अच्छे और बुरे दोनों पल याद हैं, और मैं सिर्फ आभारी हूँ. मुझे खुद पर बहुत गर्व है क्योंकि मैंने और मेरी माँ ने जीवन में जो मुकाम हासिल किया है, वह हमने अपनी मेहनत से कमाया है. हम सभी ने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे हैं. एक अकेली माँ की भूमिका निभाना, खुद को संभालना और बिल्कुल शुरुआत से जीवन बनाना मुश्किल था, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. बस आपको लगातार प्रयास करते रहना होता है. मैंने यह मुकाम हासिल किया है; यह कहते हुए मुझे बहुत गर्व महसूस होता है.”

महिमा को याद नहीं बालिका वधू सीरियल 

बालिका वधू में अपनी पहली ऑन-स्क्रीन उपस्थिति को याद करते हुए महिमा ने बताया, “मुझे बालिका वधू में काम करने की कोई याद नहीं है. वह महत्वपूर्ण शो जिसने मुझे प्रसिद्धि और सफलता दिलाई और मुझे घर-घर में पहचान दिलाई, वह था सपने सुहाने लड़कपन के. उस समय मैं 13 साल की थी. उस सीरियल ने मुझे पहली बार प्रसिद्धि का एहसास दिलाया, यह एहसास दिलाया कि मैं इसे जितना हो सके उतना लंबे समय तक करना चाहती हूं.” 

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Last Updated: August 8, 2026 15:34:13 IST

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Musafir Cafe Actress Mahima Makwana: महिमा मकवाना ने नेटफ्लिक्स सीरीज ‘मुसाफिर कैफे’ में प्यारी और मनमोहक प्रीति की भूमिका निभाकर लाखों दिलों को जीत लिया है. हालांकि, उनका एक्टिंग का सफर बहुत पहले ही नौ साल की उम्र में शुरू हो चुका था, जब उन्हें बाल कलाकार के रूप में ‘बालिका वधू’ में कास्ट किया गया था और जल्द ही वह भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक बन गईं.

हाल ही में उन्होंने बताया कि इनका ये सफर आसान नहीं था और चुनौतियों से भरा हुआ था. जब वो पांच साल की थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद उनका पारिवारिक जीवन संघर्षों से भरा था. 

संघर्षों से भरा जीवन 

महिमा के लिए सफलता का सफर आसान नहीं था. स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने अपने बचपन के संघर्षों के बारे में बताया, जब उनके पिता का 5 महीने की उम्र में निधन हो गया था और उनकी मां ने सिंगल मदर के तौर पर उनका पालन-पोषण किया था. बातचीत के दौरान महिमा ने बताया कि उन्होंने अपना बचपन मुंबई की एक चॉल में बिताया था. 

उन्होंने कहा, “मुझे अच्छे और बुरे दोनों पल याद हैं, और मैं सिर्फ आभारी हूँ. मुझे खुद पर बहुत गर्व है क्योंकि मैंने और मेरी माँ ने जीवन में जो मुकाम हासिल किया है, वह हमने अपनी मेहनत से कमाया है. हम सभी ने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे हैं. एक अकेली माँ की भूमिका निभाना, खुद को संभालना और बिल्कुल शुरुआत से जीवन बनाना मुश्किल था, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है. बस आपको लगातार प्रयास करते रहना होता है. मैंने यह मुकाम हासिल किया है; यह कहते हुए मुझे बहुत गर्व महसूस होता है.”

महिमा को याद नहीं बालिका वधू सीरियल 

बालिका वधू में अपनी पहली ऑन-स्क्रीन उपस्थिति को याद करते हुए महिमा ने बताया, “मुझे बालिका वधू में काम करने की कोई याद नहीं है. वह महत्वपूर्ण शो जिसने मुझे प्रसिद्धि और सफलता दिलाई और मुझे घर-घर में पहचान दिलाई, वह था सपने सुहाने लड़कपन के. उस समय मैं 13 साल की थी. उस सीरियल ने मुझे पहली बार प्रसिद्धि का एहसास दिलाया, यह एहसास दिलाया कि मैं इसे जितना हो सके उतना लंबे समय तक करना चाहती हूं.” 

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