Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में आरोपियों के फरार होने की योजना को लेकर नया खुलासा हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, तीनों आरोपी पहले सूरत से बस के जरिए दिल्ली और फिर नेपाल भागने की तैयारी में थे. लेकिन दिल्ली जाने वाली बस छूटने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा. इसके बाद उन्होंने ट्रेन से भागने का रास्ता चुना, लेकिन पुलिस ने उन्हें कोटा में पकड़ लिया.
बस छूटी तो बनाया भागने का दूसरा प्लान
जांच के अनुसार, पहले बनाए गए प्लान-A के नाकाम होने के बाद कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने आरोपी अंकित खटक के जरिए तीनों शूटरों को VoIP कॉल पर नए निर्देश दिए. इसके बाद फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक कुमार ऑटो-रिक्शा से सूरत रेलवे स्टेशन पहुंचे. तीनों रात करीब 1:33 बजे पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए. पुलिस के मुताबिक, उनका मकसद ट्रेन से आगे बढ़कर दिल्ली पहुंचना और वहां से नेपाल भाग जाना था.
सूरत में हथियार छिपाने का दावा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ट्रेन में सफर करने से पहले फायरिंग में इस्तेमाल किए गए दोनों हथियार और कारतूस सूरत बस स्टैंड के पास एक खुली जगह पर छिपा दिए थे. बताया जा रहा है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया, ताकि सफर के दौरान तलाशी में हथियार पकड़े जाने का खतरा कम हो सके. हालांकि, हथियारों को छिपाने और फरारी की योजना से जुड़ी इन बातों की पुष्टि जांच में जुटाए गए सबूतों के आधार पर की जानी है.
जयपुर पहुंचने से पहले उतरने की थी योजना
जांच के मुताबिक, तीनों आरोपियों का प्लान था कि वे जयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन तक पहुंचने से पहले ही ट्रेन से उतर जाएं. इसके बाद वे बस या टैक्सी से दिल्ली जाने और फिर नेपाल की सीमा पार कर फरार होने की कोशिश करने वाले थे.
CCTV फुटेज से मिला सुराग
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सूरत बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया. इसके बाद मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस ने तीनों को कोटा रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 5,000 रुपये मिले. पुलिस को शक है कि यह रकम आगे की यात्रा और नेपाल जाने के खर्च के लिए रखी गई थी. फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच मामले की आगे जांच कर रही है. पुलिस आरोपियों की फरारी की योजना और फायरिंग से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है.