Birth with extra fingers: बीते कुछ महीनों में दो ऐसी खबरें सामने आईं, जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया. जानकारी के अनुसार, पहले मध्य प्रदेश के बैतुल में एक ऐसे बच्चे का जन्म हुआ था, जिसके दोनों हाथों और पैरों में 6-6 उंगलियां थीं. उसकी कुल 24 उंगलियां थीं. वहीं हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के पालमपुर से भी ऐसी ही खबर आई, जहां एक और ऐसे ही बच्चे का जन्म हुआ, जिसकी 24 उंगलियां थीं. आइए जानते हैं कि ये रेयर स्थिति क्या होती है और इसे मेडिकल भाषा में क्या कहा जाता है? अक्सर लोगों के मन में ये सवाल भी आता है कि इसका कोई इलाज है या नहीं? आपके ऐसे सभी सवालों के जवाब यहां मिल सकते हैं.
क्या है ऐसी स्थिति?
24 उंगलियों के साथ पैदा होना एक मेडिकल सिचुएशन है, जिसे पॉलीडैक्टिली कहते हैं. ये एक दुर्लभ जन्मजात स्थिति है. लगभग 1000 में से एक बच्चा इससे ग्रसित होता है. जानकारी के अनुसार, हाथ या पैरों में सामान्य से ज्यादा यानी 5 से ज्यादा उंगली वाले बच्चों को पॉलीडैक्टली कहा जाता है. इसे बर्थ डिफेक्ट माना जाता है. इस बीमारी को अल्ट्रासाउंड में भी देखा जा सकता है. बच्चे के जन्म के बाद इन एक्स्ट्रा उंगलियों का ट्रीटमेंट किया जा सकता है.
तीन तरह का होता है पॉलीडैक्टली
- अगर किसी बच्चे के हाथ या पैर में एक्स्ट्रा अंगूठा होता है, तो इस कंडीशन को प्रैएक्शियल पॉलीडैक्टली कहा जाता है.
- अगर हाथ या पैरों के अंगूठे और छोटी उंगली के बीच में एक्स्ट्रा उंगली है, तो उसे सेंट्रल पॉलीडैक्टली कहा जाता है.
- अगर बच्चे के हाथ या पैर में पिंकी फिंगर यानी सबसे छोटी उंगली एक्स्ट्रा होती है, तो इसे पोस्टेक्शियल पॉलीडैक्टली कहते हैं.
क्या है इसका इलाज?
पॉलीडैक्टली यानी एक्स्ट्रा उंगलियों का इलाज संभव है. सर्जरी के जरिए एक्स्ट्रा उंगली हटाई जा सकती है. अगर किसी बच्चे में इस तरह की समस्या होती है, तो डॉक्टर के पास जाकर सलाह ली जा सकती है और इसकी सर्जरी कराई जा सकती है.