Indian Viagra Ashwagandha: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाया है. इसका निगेटिव असर न सिर्फ सेहत पर, बल्कि मर्दों की मर्दानगी पर भी पड़ा है. इसी का नतीजा है कि, आज ज्यादातर लोग कमजोरी महसूस करते हैं या फिर जल्दी थक जाते हैं. कई बार स्टेमिना इतना डाउन हो जाता है कि संबंध बनाने का भी मन नहीं करता है. यहां बता दूं कि, पार्टनर के साथ संबंध बनाने के कई फायदे हैं. इस परेशानी निजात पाने के लिए लोग तमाम महंगी दवाओं का सेवन करते हैं. लेकिन, इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. ऐसे में एक जड़ीबूटी (हर्ब्स) अधिक असरदार हो सकती है. जी हां, इस हर्ब्स का नाम है अश्वगंधा. यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ यौन स्वास्थ्य को भी सुधारता है.
बता दें कि, अश्वगंधा ऐसा हर्ब्स है जिसे भारतीय वियाग्रा कहा जाता है. क्योंकि, इस हर्ब्स में स्टेमिना पावर बढ़ाने की कुदरती शक्ति होती है. आयुर्वेद में इसे शक्तिवर्धक और तनाव कम करने वाली जड़ी-बूटी माना गया है. यही वजह है कि आयुर्वेद में अश्वगंधा को शक्तिवर्धक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. अब सवाल है कि आखिर, अश्वगंधा सेक्शुअल डिजायर को कैसे करता है बूस्ट? अश्वगंधा किन परेशानियों का समाधान? आइए जानते हैं इस बारे में-
सेक्शुअल डिजायर को कैसे बूस्ट करता है अश्वगंधा?
हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक, अश्वगंधा कोर्टिसोल के लेवल को घटाकर तनाव और थकान कम करती है, जिससे सेक्शुअल डिजायर में सुधार होता है. इसके साथ ही यह टेस्टोस्टेरोन का स्तर संतुलित रखकर वीर्य की गुणवत्ता और प्रजनन क्षमता बढ़ा सकती है. अश्वगंधा ब्लड फ्लो को भी बेहतर बनाती है, जो उत्तेजना और सहनशक्ति में मदद करता है. नियमित सेवन से ऊर्जा, सहनशक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि देखी जाती है.
अश्वगंधा मर्दों के लिए क्यों बना वरदान?
अश्वगंधा का पुरुष सेक्शुअल हेल्थ पर भी सकारात्मक प्रभाव हो सकता है. कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि अश्वगंधा के सेवन से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) भी ठीक हो जाता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन का मतलब संबंध बनाते समय पुरुषों में उत्तेजना नहीं होना है. अध्ययन के मुताबिक अश्वगंधा के अर्क में लगभग 35 विभिन्न रासायनिक तत्व पाए जा सकते हैं. हालांकि इसका अब तक कोई विशेष सक्रिय घटक निर्धारित नहीं किया गया है लेकिन अश्वगंधा को एक कामोत्तेजक माना जाता है. यानी ऐसी जड़ी-बूटी जो सेक्शुअल डिजायर,प्लेजर या स्टेमिना में सुधार के लिए उपयोग की जाती है.
अश्वगंधा एक फायदे अनेक
दर्द घटाए-एनर्जी बढ़ाए: कई रिसर्च के निष्कर्ष बताते हैं कि अश्वगंधा के कई फायदे हैं. अश्वगंधा को आमतौर पर रात में दूध में मिलाकर पिया जाता है. अश्वगंधा के सेवन से सूजन कम होती है. बता दें कि, यह दर्द को कम करता है, एनर्जी लेवल को बढ़ाता है.
याददास्त बूस्ट करे: नींद में सुधार करता, याददाश्त बढ़ाता है, ब्लड शुगर के स्तर कम करता है और यहां तक कि कुछ प्रकार की कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को भी रोक सकता है. 2002 के एक अध्ययन में यह देखा गया कि एक सप्ताह तक नर चूहों को अश्वगंधा का अर्क देने का क्या प्रभाव पड़ता है.
तनाव घटाए: अश्वगंधा एक एडाप्टोजेन है, जो तनाव हार्मोन (कोर्टिसोल) को नियंत्रित करता है, मानसिक शांति प्रदान करता है और नींद की गुणवत्ता सुधारता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. यह मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति और ऊर्जा बढ़ाता है. विशेषकर व्यायाम करने वालों के लिए यह लाभकारी है.
ब्लड शुगर में कारगर: आम जन के साथ ही डायबिटिज के मरीजों के लिए भी अश्वगंधा बेहद फायदेमंद है. यह ब्लड में ग्लूकोज को नियंत्रित करने में सहायक है और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है. अश्वगंधा पाचन तंत्र को सुधारता है और हड्डियों को भी मजबूत बनाने में सहायक है.
सर्दी-जुकाम, बुखार में कारगर: अश्वगंधा चूर्ण को अदरक और तुलसी के साथ चाय में मिलाकर पीने से सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है. गले की खराश और बुखार की समस्या में भी राहत मिलती है. आयुर्वेद में अश्वगंधा सेवन की विधि भी बताई गई है. इसके लिए चूर्ण को गर्म दूध में मिलाकर शहद या गुड़ के साथ ले सकते हैं.
इम्यूनिटी बूस्ट करे: अश्वगंधा तनाव, कमजोरी और कमजोर इम्यूनिटी से जूझ रहे लोगों के लिए वरदान है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट्स कुछ लोगों को सावधानी से इसका सेवन करने की सलाह देते हैं. इनमें गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. यह थायराइड हार्मोन को प्रभावित कर सकता है. हाइपरथाइरॉइड के मरीजों को भी ध्यान रखना चाहिए.
सावधानी: हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, अश्वगंधा नींद को बढ़ा सकता है, जिससे दवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है. ऐसे में नींद की दवाई लेने वाले लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए. अधिक मात्रा में इसके सेवन से पेट में जलन या दस्त की समस्या हो सकती है. किसी भी परेशानी में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.