PCOS Diet Tips: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी (PCOS) एक हार्मोनल समस्या है, जिसकी वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं, बहुत ज़्यादा बाल झड़ सकते हैं, कांख का रंग गहरा हो सकता है, मुँहासे हो सकते हैं, मूड स्विंग्स हो सकते हैं और वज़न तेज़ी से बढ़ सकता है. हालाँकि, सही खान-पान और जीवनशैली की आदतें अपनाकर इसके लक्षणों को कंट्रोल करने में काफ़ी मदद मिल सकती है. 31 मई को, न्यूट्रिशनिस्ट चाहत ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने कुछ ऐसी मुख्य आदतें बताईं, जो PCOS को कंट्रोल करने में असरदार तरीके से मदद कर सकती हैं. न्यूट्रिशनिस्ट ने लिखा, अगर आप PCOS की वजह से पेट की चर्बी, बालों का झड़ना, गर्दन या कांख पर काले धब्बे और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, तो इन टिप्स की मदद से आप सिर्फ़ चार हफ़्तों में ही सुधार देखना शुरू कर सकती हैं.
PCOS के हिसाब से डाइट लें
ब्लड शुगर को स्थिर रखने और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए, अपनी डाइट में ओट्स, ब्राउन राइस और क्विनोआ जैसे कम ग्लाइसेमिक वाले कार्ब्स के साथ-साथ अंडे, टोफ़ू और ग्रिल्ड चिकन जैसे लीन प्रोटीन शामिल करें. हार्मोन का संतुलन बनाए रखने और सूजन कम करने के लिए, फ़ाइबर से भरपूर सब्ज़ियाँ और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल भी अपनी डाइट में शामिल करें.
हर्बल चाय पिएँ
जैसे स्पीयरमिंट चाय, ग्रीन टी (जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है), और अदरक या डंडेलियन चाय (जो पेट फूलने और सूजन की समस्या में मदद करती है). इन का सेवन करें.
सीड साइकलिंग आज़माएँ
अपने मेंस्ट्रुअल साइकल के अलग-अलग फ़ेज़ में अलग-अलग तरह के बीज लेना शुरू करें; जैसे, पहले दिन से 14वें दिन तक अलसी और कद्दू के बीज, और 15वें दिन से 28वें दिन तक तिल और सूरजमुखी के बीज. इससे शरीर में नैचुरल एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन में मदद मिलेगी.
आयरन बढ़ाने वाला जूस पिएँ
चुकंदर, गाजर, नींबू और अदरक के एक छोटे टुकड़े से बना ताज़ा जूस पीने की कोशिश करें. इस मिश्रण में भरपूर मात्रा में आयरन, विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो थकान, बेजान त्वचा, बालों का झड़ना और यहाँ तक कि गर्दन या कांख पर पड़ने वाले काले धब्बों जैसी समस्याओं से निपटने में अहम भूमिका निभाते हैं.
सेहतमंद जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करें
दालचीनी (जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है), हल्दी (जो सूजन कम करती है), और मेथी के बीज (जो इंसुलिन को रेगुलेट करते हैं और ओव्यूलेशन में मदद करते हैं) जैसी जड़ी-बूटियों को अपने खाने या ड्रिंक्स में शामिल करने से, समय के साथ आपकी सेहत में काफ़ी फ़र्क नज़र आ सकता है.
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सही सप्लीमेंट्स लेना शुरू करें
विटामिन D, जिंक, ओमेगा-3 और N-acetylcysteine (NAC) भी सूजन कम करने, पीरियड्स को रेगुलर करने और त्वचा व बालों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. इन्हें लेना शुरू करने से पहले हमेशा किसी एक्सपर्ट से सलाह लें.