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Blood Pressure Symptoms: हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक आम लेकिन गंभीर बीमारी है. इसमें दिल से बहने वाला खून धमनियों पर ज्यादा दबाव डालता है, जिससे दिल को सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है. लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंच सकता है.
अचानक बढ़ गया ब्लड प्रेशर? जानें पहले क्या करें
Blood Pressure causes: ज्यादातर लोगों में हाई बीपी धीरे-धीरे होता है और इसकी कोई एक साफ वजह नहीं होती. उम्र बढ़ना, परिवार में पहले से बीमारी होना, ज्यादा नमक खाना, मोटापा, तनाव, शराब पीना और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण माने जाते हैं. कुछ मामलों में किडनी की बीमारी, हार्मोन से जुड़ी समस्या या कुछ दवाओं के असर से भी ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है.
ब्लड प्रेशर दो अंकों में मापा जाता है. ऊपर वाला अंक तब का दबाव दिखाता है जब दिल खून पंप करता है, जबकि नीचे वाला अंक दिल के आराम की स्थिति का दबाव बताता है. जब यह रीडिंग 130/80 mm Hg या उससे ऊपर पहुंच जाती है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है.
हाई ब्लड प्रेशर यानी ब्लड का दबाव ज्यादा होना. जब खून का दबाव लगातार नसों की धमनियों पर ज्यादा बना रहता है, तो दिल को खून पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसे ही हाइपरटेंशन कहा जाता है.अक्सर हाई ब्लड प्रेशर के कोई खास लक्षण नहीं होते. कई लोग सालों तक इस समस्या के साथ रहते हैं और उन्हें पता ही नहीं चलता. जब बीपी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तभी सिरदर्द, सांस फूलना या आंखों से धुंधला दिखना जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.
हाई ब्लड प्रेशर का पता केवल नियमित जांच से ही चलता है. एक बार की रीडिंग से सही नतीजा नहीं निकाला जा सकता, इसलिए अलग-अलग समय पर बीपी मापना जरूरी होता है. 18 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर जरूर चेक कराना चाहिए.
Normal: 120/80 से कम
Elevated: 120–129 / 80 से कम
Stage 1: 130–139 / 80–89
Stage 2: 140/90 या ज्यादा
180/120 से ऊपर: इमरजेंसी स्थिति, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
हाई ब्लड प्रेशर का इलाज जीवनशैली में बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाओं से किया जाता है. नमक कम करना, वजन संतुलित रखना, रोज थोड़ा चलना-फिरना, तनाव से दूरी बनाना और नशे से बचना इलाज का अहम हिस्सा है. कुछ लोगों को डॉक्टर की सलाह से नियमित दवाएं भी लेनी पड़ती हैं.
अगर हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे, तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी खराब होने, आंखों की रोशनी कमजोर होने और याददाश्त से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है.
अगर बार-बार बीपी ज्यादा आ रहा हो या अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. सही समय पर इलाज शुरू करने से हाई ब्लड प्रेशर को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है और सामान्य जीवन जिया जा सकता है.
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