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MANTRA के 49 वर्ष पूर्ण, 50वें वर्ष में प्रवेश पर भव्य उत्सव कार्यक्रम आयोजित

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Last Updated: October 10, 2026 19:07:17 IST

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द मैन-मेड टेक्सटाइल्स रिसर्च एसोसिएशन (MANTRA) ने अपनी स्थापना के गौरवपूर्ण 49 वर्ष पूर्ण कर 50वें वर्ष में प्रवेश किया है। इस महत्वपूर्ण अवसर का आयोजन भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 09 अक्टूबर, 2026 को शाम 4.00 बजे से होटल मैरियट, सूरत में विशेष उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

इस उत्सव कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देने के लिए आज MANTRA में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में MANTRA के अध्यक्ष श्री रजनीकांत बचकानीवाला ने कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की।

अध्यक्षश्री ने बताया कि 09 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय टेक्सटाइल्स मंत्री श्री गिरिराज सिंहजी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स तथा टेक्सटाइल कमिश्नर के कार्यालय के गणमान्य अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर MANTRA की 49 वर्षों की यात्रा के इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बनेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्षश्री ने MANTRA की स्थापना से लेकर अब तक के 49 वर्षों के कार्य, विभिन्न शोध गतिविधियों, तकनीकी सेवाओं तथा टेक्सटाइल उद्योग के विकास में MANTRA के योगदान के संबंध में प्रेस मीडिया के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग की वर्तमान स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी गई। अध्यक्षश्री ने सूरत शहर के वर्तमान टेक्सटाइल संबंधी व्यापार के आंकड़े तथा सूरत के टेक्सटाइल क्षेत्र के एक्सपोर्ट व्यापार के आंकड़े नीचे दिए अनुसार प्रस्तुत कर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद महत्व को दर्शाया।

सूरत आज केवल भारत का टेक्सटाइल शहर नहीं है, बल्कि मैन-मेड फाइबर (MMF), यार्न, विविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग, प्रिंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, टेक्सटाइल ट्रेडिंग और अब टेक्निकल टेक्सटाइल्स का विशाल और एकीकृत औद्योगिक केंद्र बन गया है। सूरत और दक्षिण गुजरात का टेक्सटाइल उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है और गुजरात की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। गुजरात सरकार की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार सूरत और दक्षिण गुजरात का टेक्सटाइल उद्योग गुजरात की GDP में 25 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। हालांकि यह आंकड़ा पूरे सूरत शहर के लिए नहीं, बल्कि सूरत और दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए है। सूरत की विशेषता यह है कि यहां कच्चे माल से लेकर यार्न, विविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग-प्रिंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, गारमेंटिंग और तैयार टेक्सटाइल तक की पूरी वैल्यू चेन एक ही क्षेत्र में उपलब्ध है।

सूरत टेक्सटाइल उद्योग के महत्वपूर्ण आंकड़े

  • दैनिक कपड़ा उत्पादन: लगभग 6 करोड़ मीटर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता।
  • भारत के मैन-मेड फैब्रिक में हिस्सेदारी: लगभग 40%।
  • भारत के MMF क्षेत्र में हिस्सेदारी: गुजरात सरकार के 2026 के अनुमान के अनुसार लगभग 65%।
  • विश्व के फैब्रिक उत्पादन में हिस्सेदारी: गुजरात सरकार के 2026 के क्षेत्रीय अनुमान के अनुसार लगभग 30%। इस आंकड़े को सरकारी अनुमान के रूप में प्रस्तुत करना उचित रहेगा।
  • प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार: लगभग 18 से 20 लाख लोग।
  • वार्षिक टेक्सटाइल टर्नओवर: लगभग ₹1.5 लाख करोड़।
  • पावरलूम: लगभग 6 से 7 लाख।
  • शटल लूम: पुराने आधिकारिक क्लस्टर अध्ययन के अनुसार लगभग 5.7 लाख।
  • शटललेस लूम: लगभग 22,600, जिसमें वाटर-जेट, रेपियर और प्रोजेक्टाइल लूम शामिल हैं।
  • एम्ब्रॉयडरी मशीनें: हाल के उद्योग अनुमानों के अनुसार लगभग 1 लाख।

डाइंग और प्रिंटिंग/टेक्सटाइल प्रोसेसिंग हाउस: 600 से अधिक।

सूरत की कुल टेक्सटाइल यूनिट्स: विभिन्न उद्योग अनुमानों के अनुसार 40,000 से अधिक।

सूरत जिले में पंजीकृत MSME: उद्यम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 5,01,024 MSME, जिसमें माइक्रो 4,89,247, स्मॉल 11,079 और मीडियम 698 हैं। यह आंकड़ा केवल टेक्सटाइल के लिए नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों के MSME के लिए है।

टेक्निकल टेक्सटाइल कंपनियां: उपलब्ध वाणिज्यिक डेटाबेस के अनुसार सूरत में 100 से अधिक टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादक कंपनियों की पहचान की जा सकती है; हालांकि इसके लिए सरकार का पूर्ण आधिकारिक यूनिट-वाइज सर्वे उपलब्ध नहीं है।

टेक्सटाइल क्लस्टर: सूरत के मुख्य पारंपरिक औद्योगिक टेक्सटाइल क्लस्टर में पांडेसरा, सचिन, कडोदरा और पलसाना शामिल हैं, इसके अलावा दक्षिण गुजरात में कई इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क और MSME औद्योगिक क्षेत्र हैं।

यार्न उत्पादन: पुराने आधिकारिक क्लस्टर अध्ययन के अनुसार केवल टेक्सचराइजिंग और ट्विस्टिंग सेगमेंट में लगभग 6 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता दर्ज की गई थी; इसे सूरत के कुल यार्न उत्पादन के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।

पुराने आधिकारिक क्लस्टर के अनुसार ग्रे फैब्रिक उत्पादन: लगभग 800 करोड़ मीटर प्रति वर्ष।

टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात: FY 2025–26 में सूरत का टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात लगभग ₹10,478 करोड़ दर्ज किया गया था।

सूरत और दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल क्षेत्र का गुजरात की GDP में योगदान: गुजरात सरकार के 2026 के क्षेत्रीय आकलन के अनुसार 25% से अधिक।

डिजिटल टेक्सटाइल प्रिंटिंग मशीनें: सूरत में कुल संख्या का विश्वसनीय और हालिया आधिकारिक सर्वे उपलब्ध नहीं है; इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में निश्चित संख्या घोषित नहीं करना अधिक उचित रहेगा।

MANTRA के लिए महत्वपूर्ण संदेश

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सूरत के पास टेक्सटाइल उत्पादन का विशाल स्तर और विश्वस्तरीय औद्योगिक इकोसिस्टम है, लेकिन अगला चरण केवल अधिक उत्पादन करने का नहीं, बल्कि अधिक मूल्यवर्धित, टिकाऊ, स्मार्ट और टेक्निकल टेक्सटाइल्स की ओर आगे बढ़ने का है। इस परिवर्तन में MANTRA की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है। रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मटेरियल कैरेक्टराइजेशन, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन, टेक्निकल टेक्सटाइल, सस्टेनेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप टेक्नोलॉजी विकसित करके MANTRA “सूरत की टेक्सटाइल उत्पादन शक्ति को वैश्विक टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता से जोड़ने वाला रिसर्च और टेस्टिंग सेंटर” बन सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकने वाला मुख्य संदेश:

“सूरत में प्रतिदिन लगभग 6 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन करने की क्षमता है, टेक्सटाइल क्षेत्र में 18 से 20 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है, यहां 6 से 7 लाख पावरलूम, 600 से अधिक प्रोसेसिंग हाउस और लगभग 1 लाख एम्ब्रॉयडरी मशीनें हैं और अब यह पारंपरिक टेक्सटाइल से टेक्निकल टेक्सटाइल और उच्च मूल्यवर्धित उत्पादों की ओर आगे बढ़ रहा है।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में MANTRA के डायरेक्टर डॉ. पंकज गांधी ने MANTRA द्वारा पिछले 49 वर्षों के दौरान किए गए विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट्स, शोध गतिविधियों तथा टेक्सटाइल उद्योग को दी जाने वाली तकनीकी और शोध सेवाओं के संबंध में प्रेस मीडिया के समक्ष विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने MANTRA द्वारा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर MANTRA के ऑनरेरी सेक्रेटरी श्री प्रफुलभाई गांधी सहित MANTRA के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में MANTRA के अध्यक्ष श्री रजनीकांत बचकानीवाला ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने के लिए सभी मीडिया प्रतिनिधि भाइयों का आभार व्यक्त किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस पूर्ण की।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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द मैन-मेड टेक्सटाइल्स रिसर्च एसोसिएशन (MANTRA) ने अपनी स्थापना के गौरवपूर्ण 49 वर्ष पूर्ण कर 50वें वर्ष में प्रवेश किया है। इस महत्वपूर्ण अवसर का आयोजन भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 09 अक्टूबर, 2026 को शाम 4.00 बजे से होटल मैरियट, सूरत में विशेष उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

इस उत्सव कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देने के लिए आज MANTRA में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में MANTRA के अध्यक्ष श्री रजनीकांत बचकानीवाला ने कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की।

अध्यक्षश्री ने बताया कि 09 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय टेक्सटाइल्स मंत्री श्री गिरिराज सिंहजी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल्स तथा टेक्सटाइल कमिश्नर के कार्यालय के गणमान्य अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर MANTRA की 49 वर्षों की यात्रा के इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बनेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्षश्री ने MANTRA की स्थापना से लेकर अब तक के 49 वर्षों के कार्य, विभिन्न शोध गतिविधियों, तकनीकी सेवाओं तथा टेक्सटाइल उद्योग के विकास में MANTRA के योगदान के संबंध में प्रेस मीडिया के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

इस अवसर पर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग की वर्तमान स्थिति के संबंध में भी जानकारी दी गई। अध्यक्षश्री ने सूरत शहर के वर्तमान टेक्सटाइल संबंधी व्यापार के आंकड़े तथा सूरत के टेक्सटाइल क्षेत्र के एक्सपोर्ट व्यापार के आंकड़े नीचे दिए अनुसार प्रस्तुत कर सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद महत्व को दर्शाया।

सूरत आज केवल भारत का टेक्सटाइल शहर नहीं है, बल्कि मैन-मेड फाइबर (MMF), यार्न, विविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग, प्रिंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, टेक्सटाइल ट्रेडिंग और अब टेक्निकल टेक्सटाइल्स का विशाल और एकीकृत औद्योगिक केंद्र बन गया है। सूरत और दक्षिण गुजरात का टेक्सटाइल उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है और गुजरात की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। गुजरात सरकार की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार सूरत और दक्षिण गुजरात का टेक्सटाइल उद्योग गुजरात की GDP में 25 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। हालांकि यह आंकड़ा पूरे सूरत शहर के लिए नहीं, बल्कि सूरत और दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए है। सूरत की विशेषता यह है कि यहां कच्चे माल से लेकर यार्न, विविंग, प्रोसेसिंग, डाइंग-प्रिंटिंग, एम्ब्रॉयडरी, गारमेंटिंग और तैयार टेक्सटाइल तक की पूरी वैल्यू चेन एक ही क्षेत्र में उपलब्ध है।

सूरत टेक्सटाइल उद्योग के महत्वपूर्ण आंकड़े

  • दैनिक कपड़ा उत्पादन: लगभग 6 करोड़ मीटर प्रतिदिन उत्पादन क्षमता।
  • भारत के मैन-मेड फैब्रिक में हिस्सेदारी: लगभग 40%।
  • भारत के MMF क्षेत्र में हिस्सेदारी: गुजरात सरकार के 2026 के अनुमान के अनुसार लगभग 65%।
  • विश्व के फैब्रिक उत्पादन में हिस्सेदारी: गुजरात सरकार के 2026 के क्षेत्रीय अनुमान के अनुसार लगभग 30%। इस आंकड़े को सरकारी अनुमान के रूप में प्रस्तुत करना उचित रहेगा।
  • प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार: लगभग 18 से 20 लाख लोग।
  • वार्षिक टेक्सटाइल टर्नओवर: लगभग ₹1.5 लाख करोड़।
  • पावरलूम: लगभग 6 से 7 लाख।
  • शटल लूम: पुराने आधिकारिक क्लस्टर अध्ययन के अनुसार लगभग 5.7 लाख।
  • शटललेस लूम: लगभग 22,600, जिसमें वाटर-जेट, रेपियर और प्रोजेक्टाइल लूम शामिल हैं।
  • एम्ब्रॉयडरी मशीनें: हाल के उद्योग अनुमानों के अनुसार लगभग 1 लाख।

डाइंग और प्रिंटिंग/टेक्सटाइल प्रोसेसिंग हाउस: 600 से अधिक।

सूरत की कुल टेक्सटाइल यूनिट्स: विभिन्न उद्योग अनुमानों के अनुसार 40,000 से अधिक।

सूरत जिले में पंजीकृत MSME: उद्यम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार लगभग 5,01,024 MSME, जिसमें माइक्रो 4,89,247, स्मॉल 11,079 और मीडियम 698 हैं। यह आंकड़ा केवल टेक्सटाइल के लिए नहीं, बल्कि सभी क्षेत्रों के MSME के लिए है।

टेक्निकल टेक्सटाइल कंपनियां: उपलब्ध वाणिज्यिक डेटाबेस के अनुसार सूरत में 100 से अधिक टेक्निकल टेक्सटाइल उत्पादक कंपनियों की पहचान की जा सकती है; हालांकि इसके लिए सरकार का पूर्ण आधिकारिक यूनिट-वाइज सर्वे उपलब्ध नहीं है।

टेक्सटाइल क्लस्टर: सूरत के मुख्य पारंपरिक औद्योगिक टेक्सटाइल क्लस्टर में पांडेसरा, सचिन, कडोदरा और पलसाना शामिल हैं, इसके अलावा दक्षिण गुजरात में कई इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क और MSME औद्योगिक क्षेत्र हैं।

यार्न उत्पादन: पुराने आधिकारिक क्लस्टर अध्ययन के अनुसार केवल टेक्सचराइजिंग और ट्विस्टिंग सेगमेंट में लगभग 6 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता दर्ज की गई थी; इसे सूरत के कुल यार्न उत्पादन के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।

पुराने आधिकारिक क्लस्टर के अनुसार ग्रे फैब्रिक उत्पादन: लगभग 800 करोड़ मीटर प्रति वर्ष।

टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात: FY 2025–26 में सूरत का टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात लगभग ₹10,478 करोड़ दर्ज किया गया था।

सूरत और दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल क्षेत्र का गुजरात की GDP में योगदान: गुजरात सरकार के 2026 के क्षेत्रीय आकलन के अनुसार 25% से अधिक।

डिजिटल टेक्सटाइल प्रिंटिंग मशीनें: सूरत में कुल संख्या का विश्वसनीय और हालिया आधिकारिक सर्वे उपलब्ध नहीं है; इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में निश्चित संख्या घोषित नहीं करना अधिक उचित रहेगा।

MANTRA के लिए महत्वपूर्ण संदेश

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सूरत के पास टेक्सटाइल उत्पादन का विशाल स्तर और विश्वस्तरीय औद्योगिक इकोसिस्टम है, लेकिन अगला चरण केवल अधिक उत्पादन करने का नहीं, बल्कि अधिक मूल्यवर्धित, टिकाऊ, स्मार्ट और टेक्निकल टेक्सटाइल्स की ओर आगे बढ़ने का है। इस परिवर्तन में MANTRA की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है। रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मटेरियल कैरेक्टराइजेशन, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन, टेक्निकल टेक्सटाइल, सस्टेनेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप टेक्नोलॉजी विकसित करके MANTRA “सूरत की टेक्सटाइल उत्पादन शक्ति को वैश्विक टेक्नोलॉजी और गुणवत्ता से जोड़ने वाला रिसर्च और टेस्टिंग सेंटर” बन सकता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकने वाला मुख्य संदेश:

“सूरत में प्रतिदिन लगभग 6 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन करने की क्षमता है, टेक्सटाइल क्षेत्र में 18 से 20 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है, यहां 6 से 7 लाख पावरलूम, 600 से अधिक प्रोसेसिंग हाउस और लगभग 1 लाख एम्ब्रॉयडरी मशीनें हैं और अब यह पारंपरिक टेक्सटाइल से टेक्निकल टेक्सटाइल और उच्च मूल्यवर्धित उत्पादों की ओर आगे बढ़ रहा है।”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में MANTRA के डायरेक्टर डॉ. पंकज गांधी ने MANTRA द्वारा पिछले 49 वर्षों के दौरान किए गए विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट्स, शोध गतिविधियों तथा टेक्सटाइल उद्योग को दी जाने वाली तकनीकी और शोध सेवाओं के संबंध में प्रेस मीडिया के समक्ष विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने MANTRA द्वारा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर MANTRA के ऑनरेरी सेक्रेटरी श्री प्रफुलभाई गांधी सहित MANTRA के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में MANTRA के अध्यक्ष श्री रजनीकांत बचकानीवाला ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने के लिए सभी मीडिया प्रतिनिधि भाइयों का आभार व्यक्त किया और प्रेस कॉन्फ्रेंस पूर्ण की।

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