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IIFD सूरत के Fashionet 2026 में 200+ डिज़ाइनर्स और शांतनु-निखिल ने बिखेरा जलवा

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Last Updated: June 20, 2026 11:37:15 IST

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सूरत (गुजरात) [भारत], 20 जून: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन डिज़ाइन (IIFD), सूरत द्वारा 9 जून, 2026 को सूरत के सरसाना कन्वेंशन सेंटर में अपने वार्षिक फ़ैशन शोकेस “Fashionate 2026” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस इवेंट में सृजनात्मकता, कला-कौशल, इनोवेशन (नवीनता) और फ़ैशन एक्सीलेंस की शानदार प्रस्तुती दी गई।

IIFD सूरत की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह संस्था क्रिएटिव एजुकेशन (सृजनात्मक शिक्षा) में गुजरात के अग्रणी इंस्टीटूट्स में से एक बनकर उभरी है, जो फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन और इवेंट मैनेजमेंट में उभरते हुए प्रोफेशनल्स को लगातार प्रोत्साहित करती है। वर्षो से इस संस्था ने नवीनता, कला-कौशल और उद्योग-लक्षी शिक्षा की एक मज़बूत विरासत बनाई है, जिससे सृजनात्मकता को बढ़ावा मिला है, और साथ ही इस क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच मिला है।

यह उल्लेखनीय है कि, अपने क्रिएटिव विज़न को और बढ़ाते हुए, IIFD सूरत ने ZICA सूरत भी लॉन्च किया है, जो शहर में एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, ग्राफ़िक डिज़ाइन, गेमिंग और डिजिटल आर्ट्स में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने में प्रयासरत है। इस विस्तार के साथ, यह संस्थान क्रिएटिव उद्योग में उभरते कलाकारों, डिज़ाइनरों और कहानीकारों के लिए नए रास्ते खोलकर सूरत में विकसित हो रहे क्रिएटिव इकोसिस्टम को और मज़बूती प्रदान कर रहा है।

इस वर्ष, “Fashionate 2026” इवेंट ने एक बार फिर 200+ स्टूडेंट डिज़ाइनरों और 200 से ज़्यादा ओरिजिनल आउटफिट्स को एक साथ लाकर एक उच्च मानक स्थापित किया, जिसने इसे विद्यार्थियों द्वारा संचालित फैशन शो में सूरत के सबसे महत्वाकांक्षी इवेंट के रूप में स्थापित किया।

सूरत के फैशन लैंडस्केप में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर रुपक इस इवेंट में, सूरत में पहली बार, मशहूर इंडियन कॉउचर पायनियर शांतनु मेहरा और निखिल मेहरा ने “Fashionate 2026” में इवनिंग चीफ जूरी के तौर पर उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी मौजूदगी ने इस इवेंट में नई उर्जा भरी और नए डिज़ाइनरों को आज के ज़माने के फैशन में भारत की दो सबसे जाने-मानी हस्तियों के सामने अपनी सृजनात्मकता प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

यह शाम कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक शानदार उत्सव के रूप में उभरी, जिसमें बेहतरीन क्रिएटिविटी और आकर्षक डिज़ाइन को प्रोत्साहन और अवांट-गार्डे प्रयोग के साथ मिश्रित किया गया था। रनवे पर हर कृति ने एक यूनिक कल्चरल कहानी प्रस्तुत की, जिसमें इनोवेटिव टेक्सटाइल और कंटेंपररी स्टाइल के ज़रिए एक साहसिक आर्टिस्टिक विज़न दिखाया गया था।

इस इवेंट में सबसे खास शोकेस में ‘गली की दीवारें’ जैसे कलेक्शन थे, जो भूली-बिसरी सड़कों, धुंधले पोस्टरों और पुराने शहरी इलाकों में छिपी खामोश कहानियों से प्रेरित थे। इसके अलावा ‘वृक्षा – आर्ट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी’, जो सचेत और सस्टेनेबल डिज़ाइन के ज़रिए प्रकृति और फ़ैशन के बीच तालमेल को खूबसूरती से दिखाता था; ‘क्लार्टे – रॉटन बट रीगल’, जिसने कमियों और क्षति को शानदार लग्ज़री में बदल दिया; ‘द डिस्ट्राइब’, जो एक डिस्टोपियन नज़रिए से ज़िंदा रहने, और सहनशीलता को दिखाता है; ‘क्षतसौंदर्य’, जो टूटी-फूटी बनावट और मूर्तियों से प्रेरित होकर कमियों के अंदर सुंदरता का उत्सव मनाता है; ‘आर्मोरीयर’, जो भविष्य के विकास और ताकत की एक नाटकीय अवांट-गार्डे व्याख्या है और ‘इंट्रावॉइड’, जो हड्डियों के टिशू की नाजुक लेकिन शक्तिशाली माइक्रोस्कोपिक बनावट से प्रेरित है, जो कमज़ोरी और मज़बूती को बैलेंस करता है।

बीते कुछ सालों में, IIFD सूरत ने उद्योग सहयोग, बैकस्टेज अनुभव, प्रोफेशनल फैशन प्लेटफॉर्म और एकेडमिक एसोसिएशन के ज़रिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन अवसर देना जारी रखा है, जो क्लासरूम लर्निंग को रियल-वर्ल्ड इंडस्ट्री अनुभवो से जोड़ता है।

इस इवेंट में सूरत की जानी-मानी हस्तियां, टेक्सटाइल उद्यमी, फैशन प्रोफेशनल, विद्यार्थियों के माता-पिता और आकर्षक डिजाइन के प्रशंसक उपस्थित रहे थे, जो अगली पीढ़ी के डिजाइनरों की कल्पना, लगन और कला का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।

गौरतलब है कि, IIFD सूरत संस्थान (श्री मुकेश माहेश्वरी, संस्थापक एवं निदेशक) और श्रीमती पल्लवी माहेश्वरी (सह-निदेशक) के नेतृत्व एवं दूरदर्शिता में एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहा है, जहां शिक्षा, नवीनता, उद्योग के साथ संपर्क और वैश्विक दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं.

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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सूरत (गुजरात) [भारत], 20 जून: इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन डिज़ाइन (IIFD), सूरत द्वारा 9 जून, 2026 को सूरत के सरसाना कन्वेंशन सेंटर में अपने वार्षिक फ़ैशन शोकेस “Fashionate 2026” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस इवेंट में सृजनात्मकता, कला-कौशल, इनोवेशन (नवीनता) और फ़ैशन एक्सीलेंस की शानदार प्रस्तुती दी गई।

IIFD सूरत की स्थापना वर्ष 2014 में हुई थी। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह संस्था क्रिएटिव एजुकेशन (सृजनात्मक शिक्षा) में गुजरात के अग्रणी इंस्टीटूट्स में से एक बनकर उभरी है, जो फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन और इवेंट मैनेजमेंट में उभरते हुए प्रोफेशनल्स को लगातार प्रोत्साहित करती है। वर्षो से इस संस्था ने नवीनता, कला-कौशल और उद्योग-लक्षी शिक्षा की एक मज़बूत विरासत बनाई है, जिससे सृजनात्मकता को बढ़ावा मिला है, और साथ ही इस क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को एक बेहतरीन मंच मिला है।

यह उल्लेखनीय है कि, अपने क्रिएटिव विज़न को और बढ़ाते हुए, IIFD सूरत ने ZICA सूरत भी लॉन्च किया है, जो शहर में एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, ग्राफ़िक डिज़ाइन, गेमिंग और डिजिटल आर्ट्स में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने में प्रयासरत है। इस विस्तार के साथ, यह संस्थान क्रिएटिव उद्योग में उभरते कलाकारों, डिज़ाइनरों और कहानीकारों के लिए नए रास्ते खोलकर सूरत में विकसित हो रहे क्रिएटिव इकोसिस्टम को और मज़बूती प्रदान कर रहा है।

इस वर्ष, “Fashionate 2026” इवेंट ने एक बार फिर 200+ स्टूडेंट डिज़ाइनरों और 200 से ज़्यादा ओरिजिनल आउटफिट्स को एक साथ लाकर एक उच्च मानक स्थापित किया, जिसने इसे विद्यार्थियों द्वारा संचालित फैशन शो में सूरत के सबसे महत्वाकांक्षी इवेंट के रूप में स्थापित किया।

सूरत के फैशन लैंडस्केप में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर रुपक इस इवेंट में, सूरत में पहली बार, मशहूर इंडियन कॉउचर पायनियर शांतनु मेहरा और निखिल मेहरा ने “Fashionate 2026” में इवनिंग चीफ जूरी के तौर पर उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी मौजूदगी ने इस इवेंट में नई उर्जा भरी और नए डिज़ाइनरों को आज के ज़माने के फैशन में भारत की दो सबसे जाने-मानी हस्तियों के सामने अपनी सृजनात्मकता प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।

यह शाम कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक शानदार उत्सव के रूप में उभरी, जिसमें बेहतरीन क्रिएटिविटी और आकर्षक डिज़ाइन को प्रोत्साहन और अवांट-गार्डे प्रयोग के साथ मिश्रित किया गया था। रनवे पर हर कृति ने एक यूनिक कल्चरल कहानी प्रस्तुत की, जिसमें इनोवेटिव टेक्सटाइल और कंटेंपररी स्टाइल के ज़रिए एक साहसिक आर्टिस्टिक विज़न दिखाया गया था।

इस इवेंट में सबसे खास शोकेस में ‘गली की दीवारें’ जैसे कलेक्शन थे, जो भूली-बिसरी सड़कों, धुंधले पोस्टरों और पुराने शहरी इलाकों में छिपी खामोश कहानियों से प्रेरित थे। इसके अलावा ‘वृक्षा – आर्ट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी’, जो सचेत और सस्टेनेबल डिज़ाइन के ज़रिए प्रकृति और फ़ैशन के बीच तालमेल को खूबसूरती से दिखाता था; ‘क्लार्टे – रॉटन बट रीगल’, जिसने कमियों और क्षति को शानदार लग्ज़री में बदल दिया; ‘द डिस्ट्राइब’, जो एक डिस्टोपियन नज़रिए से ज़िंदा रहने, और सहनशीलता को दिखाता है; ‘क्षतसौंदर्य’, जो टूटी-फूटी बनावट और मूर्तियों से प्रेरित होकर कमियों के अंदर सुंदरता का उत्सव मनाता है; ‘आर्मोरीयर’, जो भविष्य के विकास और ताकत की एक नाटकीय अवांट-गार्डे व्याख्या है और ‘इंट्रावॉइड’, जो हड्डियों के टिशू की नाजुक लेकिन शक्तिशाली माइक्रोस्कोपिक बनावट से प्रेरित है, जो कमज़ोरी और मज़बूती को बैलेंस करता है।

बीते कुछ सालों में, IIFD सूरत ने उद्योग सहयोग, बैकस्टेज अनुभव, प्रोफेशनल फैशन प्लेटफॉर्म और एकेडमिक एसोसिएशन के ज़रिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन अवसर देना जारी रखा है, जो क्लासरूम लर्निंग को रियल-वर्ल्ड इंडस्ट्री अनुभवो से जोड़ता है।

इस इवेंट में सूरत की जानी-मानी हस्तियां, टेक्सटाइल उद्यमी, फैशन प्रोफेशनल, विद्यार्थियों के माता-पिता और आकर्षक डिजाइन के प्रशंसक उपस्थित रहे थे, जो अगली पीढ़ी के डिजाइनरों की कल्पना, लगन और कला का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे।

गौरतलब है कि, IIFD सूरत संस्थान (श्री मुकेश माहेश्वरी, संस्थापक एवं निदेशक) और श्रीमती पल्लवी माहेश्वरी (सह-निदेशक) के नेतृत्व एवं दूरदर्शिता में एक मज़बूत इकोसिस्टम बना रहा है, जहां शिक्षा, नवीनता, उद्योग के साथ संपर्क और वैश्विक दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं.

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