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राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद में मेंटर बने यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पहचान

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Last Updated: October 10, 2026 19:37:21 IST

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सूरत स्थित सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के लिए यह गर्व का विषय है कि इसके दो घटक संस्थानों के विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद (Rashtriya Paryavaran Bal Sansad – RPBS) के प्रथम अखिल भारतीय संस्करण में मेंटर के रूप में हुआ है। यह कार्यक्रम 7 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली विधानसभा में आयोजित किया गया।

श्री रामकृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज एंड कंप्यूटर एजुकेशन (SRKI) के विद्यार्थी संयम डागली का चयन मेंटर एवं समन्वयक (Mentor and Coordinator) के रूप में, जबकि एस. आर. लूथरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (SRLIM) के विद्यार्थी कीर्तन रंकावत का चयन मेंटर (Mentor) के रूप में किया गया। दोनों संस्थान सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के घटक संस्थान हैं।

इस राष्ट्रीय स्तर की पहल का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, संरक्षण की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से चयनित विद्यार्थियों और युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने सतत विकास, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

मेंटर एवं समन्वयक के रूप में संयम डागली ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा कार्यक्रम के समन्वय और प्रबंधन में योगदान दिया। कीर्तन रंकावत ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पर्यावरण संबंधी मुद्दों के प्रति उनकी समझ और जिम्मेदार युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

PNN 2026 10 10T190057.796

राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद ने युवा प्रतिभागियों को संसदीय प्रक्रियाओं को समझने, पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने तथा भारत के भविष्य के लिए सतत समाधान प्रस्तुत करने का सार्थक मंच प्रदान किया। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी में पर्यावरण चेतना को मजबूत करना और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष एवं सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी के चेयरमैन श्री आशीष वकील तथा यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट डॉ. किरण पंड्या ने विद्यार्थियों की पहल और सहभागिता की सराहना करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने पर्यावरण जागरूकता और युवा नेतृत्व के प्रति विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने के अवसर प्रदान करती हैं और उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं।

संयम डागली और कीर्तन रंकावत का चयन राष्ट्रीय स्तर की पहलों में सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी, सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी और गुजरात के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि सामाजिक रूप से जिम्मेदार, पर्यावरण के प्रति जागरूक और सक्रिय युवा नेतृत्व विकसित करने के महत्त्व को रेखांकित करती है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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सूरत स्थित सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के लिए यह गर्व का विषय है कि इसके दो घटक संस्थानों के विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद (Rashtriya Paryavaran Bal Sansad – RPBS) के प्रथम अखिल भारतीय संस्करण में मेंटर के रूप में हुआ है। यह कार्यक्रम 7 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली विधानसभा में आयोजित किया गया।

श्री रामकृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज एंड कंप्यूटर एजुकेशन (SRKI) के विद्यार्थी संयम डागली का चयन मेंटर एवं समन्वयक (Mentor and Coordinator) के रूप में, जबकि एस. आर. लूथरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (SRLIM) के विद्यार्थी कीर्तन रंकावत का चयन मेंटर (Mentor) के रूप में किया गया। दोनों संस्थान सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी द्वारा संचालित सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के घटक संस्थान हैं।

इस राष्ट्रीय स्तर की पहल का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, संरक्षण की भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से चयनित विद्यार्थियों और युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने सतत विकास, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

मेंटर एवं समन्वयक के रूप में संयम डागली ने प्रतिभागी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा कार्यक्रम के समन्वय और प्रबंधन में योगदान दिया। कीर्तन रंकावत ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए पर्यावरण संबंधी मुद्दों के प्रति उनकी समझ और जिम्मेदार युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

PNN 2026 10 10T190057.796

राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद ने युवा प्रतिभागियों को संसदीय प्रक्रियाओं को समझने, पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान करने तथा भारत के भविष्य के लिए सतत समाधान प्रस्तुत करने का सार्थक मंच प्रदान किया। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी में पर्यावरण चेतना को मजबूत करना और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष एवं सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी के चेयरमैन श्री आशीष वकील तथा यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट डॉ. किरण पंड्या ने विद्यार्थियों की पहल और सहभागिता की सराहना करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने पर्यावरण जागरूकता और युवा नेतृत्व के प्रति विद्यार्थियों की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सीखने के अवसर प्रदान करती हैं और उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करती हैं।

संयम डागली और कीर्तन रंकावत का चयन राष्ट्रीय स्तर की पहलों में सार्वजनिक यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी, सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी और गुजरात के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि सामाजिक रूप से जिम्मेदार, पर्यावरण के प्रति जागरूक और सक्रिय युवा नेतृत्व विकसित करने के महत्त्व को रेखांकित करती है।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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