8th Central Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार है. इसी बीच आयोग ने अपनी क्षेत्रीय बैठकों का सिलसिला तेज कर दिया है. आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं. आयोग ने 7 सितंबर 2026 को चेन्नई में दो दिवसीय क्षेत्रीय परामर्श शुरू किया है, जबकि 9 सितंबर को पुडुचेरी में प्रतिनिधियों के साथ बातचीत प्रस्तावित है. इन बैठकों का मकसद केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि संगठनों से सीधे सुझाव और उनकी मांगें जानना है. खासतौर पर वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन में संशोधन जैसे मुद्दों पर प्रतिनिधियों की राय ली जा रही है.
चेन्नई के बाद पुडुचेरी में होगी बैठक
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की क्षेत्रीय परामर्श प्रक्रिया के तहत चेन्नई में 7 सितंबर से बैठकें शुरू हुई हैं. इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में प्रतिनिधियों के साथ चर्चा निर्धारित है. हालांकि, इन बैठकों में वही कर्मचारी महासंघ, पेंशनर्स संगठन और रक्षा तथा रेलवे से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराया है. संगठनों को अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रखने का मौका दिया जा रहा है.
फिटमेंट फैक्टर से लेकर पेंशन तक पर चर्चा
क्षेत्रीय बैठकों में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई अहम मुद्दे आयोग के सामने रखे जा रहे हैं. इनमें फिटमेंट फैक्टर, वेतन संरचना, विभिन्न भत्ते, पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन जैसे विषय शामिल हैं. आयोग इन सुझावों और कर्मचारियों की समस्याओं का अध्ययन करने के बाद अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा. देश के अलग अलग हिस्सों में होने वाली बैठकों के जरिए आयोग विभिन्न कर्मचारी वर्गों की मांगों को समझने की कोशिश कर रहा है.
अभी सरकार को नहीं सौंपी गई रिपोर्ट
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यह है कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को नहीं सौंपी हैं.mआयोग का गठन केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को किया था. इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है. आयोग जरूरत पड़ने पर उन विषयों पर अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है, जिन पर सिफारिशें पहले तैयार हो जाती हैं. इसका मतलब है कि अभी कर्मचारियों को अंतिम वेतन बढ़ोतरी या नए फिटमेंट फैक्टर को लेकर सरकार की ओर से कोई अंतिम आंकड़ा नहीं मिला है.
कब से लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें किस तारीख से प्रभावी होंगी, इसे लेकर सरकार ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है. आयोग फिलहाल कर्मचारी संगठनों, सेवा संघों और पेंशनर्स संगठनों से सुझाव जुटाने के चरण में है. क्षेत्रीय बैठकों के बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी आयोग की परामर्श प्रक्रिया जारी रहेगी.
35.77 लाख केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च 2026 तक करीब 35.77 लाख केंद्रीय सरकारी सिविल कर्मचारी थे. वहीं, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स थे. इन आंकड़ों में रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं. यानी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ सकता है.
मई जून 2027 तक आ सकती है रिपोर्ट
क्षेत्रीय बैठकों और देशभर से मिलने वाले सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आयोग की सिफारिशें मई जून 2027 के आसपास केंद्र सरकार को भेजे जाने की संभावित समयसीमा में हैं. फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों की नजर सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलाव पर है. हालांकि, इन मुद्दों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा.