बेंगलुरु में भाषा को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है. आये दिन हिन्दीभाषी लोगों को कन्नड़ बोलने के लिए मजबूर किये जाने की की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक मैनेजर ने कर्मचारियों को कन्नड़ की जगह हिंदी बोलने के लिए कहा.
पिछले हफ्ते, कर्नाटक के बेंगलुरु क्षेत्र में नेलमंगला के पास मदनायकानहल्ली स्थित एक गोदाम में, एक शिफ्ट मैनेजर ने एक आधिकारिक मुद्दे पर कुछ कर्मचारियों को फटकार लगाई. मजदूरों की एक गुजारिश थी. उन्होंने उनसे कन्नड़ में बोलने को कहा, क्योंकि उन्हें उनकी बात समझ नहीं आ रही थी.
‘मैं केवल हिंदी बोलता हूं’
रिपोर्ट के अनुसार, मजदूरों की गुजारिश पर प्रबंधक अशोक मुत्तय ने कहा कि उन्हें कन्नड़ नहीं आती और वे केवल हिंदी बोलते हैं. उनकी इस बात की एक कर्मचारी फोन पर रिकॉर्डिंग कर रहा था. वीडियो में अशोक को कर्मचारियों और अन्य स्टाफ से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर वे उनके साथ काम करना चाहते हैं, तो उन्हें हिंदी सीखनी होगी, वरना वे चले जाएंगे. वह आगे कहते हैं कि उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है.
कर्मचारी ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. यह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और स्थानीय कन्नड़ समूहों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की.
अशोक मुत्तय कौन हैं?
पुलिस ने उसकी पहचान आंध्र प्रदेश के मालपल्ली निवासी 31 वर्षीय शिफ्ट मैनेजर के रूप में की है. पुलिस के अनुसार, जिस गोदाम में वह काम करता है, उसे ज़ोमैटो ने किराए पर लिया है.
वीडियो वायरल होने के बाद, रविवार को कन्नड़ कार्यकर्ताओं का एक समूह गोदाम के बाहर जमा हो गया. उन्होंने अशोक की टिप्पणियों के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने लिया संज्ञान
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया, जिसका अर्थ है कि उन्होंने शिकायत की प्रतीक्षा किए बिना ही मामला दर्ज कर लिया. उन्होंने गोदाम प्रबंधक के खिलाफ एक याचिका भी दायर की. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अशोक ने घटना के लिए माफी मांगी.