Amarnath Yatra 2026:अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू हो रहे हैं। इस साल बाबा बर्फानी की यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन फीस और मेडिकल सर्टिफिकेट के नियम जारी कर दिए गए हैं. यदि आप भी अमरनाथ यात्रा पर जाना चाहते हैं तो जानें कुल खर्च और रजिस्ट्रेशन का पूरा प्रोसेस-
Amarnath Yatra 2026: 15 अप्रैल से अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें बाबा बर्फानी गुफा तक का पूरा खर्च और जरूरी बातें
Amarnath Yatra 2026: भारत में सबसे बड़ी तीर्थ यात्राओं में से एक अमरनाथ धाम की यात्रा है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के बर्फानी रूप का दर्शन करने जाते हैं. यह यात्रा देश के बेहद दुर्गम इलाकों से होकर बर्फानी धाम पहुंचती हैजिसके पहले ही हर यात्री का रजिस्ट्रेशन और मेडिकल चेकअप किया जाता है.
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलेगी, जिसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस 15 अप्रैल से शुरू होने वाली है. लगभग 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का आयोजन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जिसमें यात्रा की पात्रता संबंधी शर्तों के बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. जानें इसके बारे में विस्तार से-
यदि आप भी अमरनाथ यात्रा में शामिल होने का मन बना रहे हैं तो आपके पास रजिस्ट्रेशन के लिए दो ऑप्शन हैं.
ऑनलाइन पंजीकरण की बात करें तो ये प्रोसेस 15 अप्रैल से शुरू होने वाला है, जिसके लिए ओटीपी वेरिफिकेशन अनिवार्य है.
यदि तीर्थयात्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में असमर्थ हैं तो ऑफलाइन ऑप्शन भी उपलब्ध है, जिसके लिए नामित बैंक शाखाओं की राज्य-वार सूची उपलब्ध करा दी गई है।
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने की पात्रता हर बार की तरह निर्धारित की गई है. जो इस प्रकार है-
अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा के मार्ग में पड़ने वाले अलग-अलग पड़ावों पर टेंट, आवास और सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस बार श्री अमरनाथजी की पूजा, हवन और प्रसाद (चांदी के सिक्के सहित) के लिए ऑनलाइन बुकिंग उपलब्ध है।
बजट की बात करें तो इस यात्रा में प्रति यात्री अनुमानित खर्च ₹15,000 से ₹35,000 के बीच रह सकता है, जिसमें यात्रा साधन, भोजन और टेंट का खर्च शामिल है.
जानकारी के लिए बता दें कि बाबा बर्फानी की गुफा में ही भगवान शिव ने माता पार्वती को ‘अमर कथा’ सुनाई थी, जिसे सुनकर एक कबूतर का जोड़ा अमर हो गया था. यहां हर साल बर्फ का दिव्य शिवलिंग प्रकट होता है, जिसके दर्शन करने दूर-दूर से यात्री आते हैं.
अमरनाथ यात्रा दो मुख्य मार्गों से की जा सकती है: पहलगाम मार्ग, जो कि पारंपरिक मार्ग है और दूसरा बालताल मार्ग, जो एक छोटा, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है. अमरनाथ यात्रा में जो लोग पैदल नहीं चल सकते, उनके लिए हेलिकॉप्टर की सुविधा भी दी जा रही है.
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