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कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी? जो बने नीति आयोग के उपाध्यक्ष; पीएम मोदी से की मुलाकात

Who is Ashok Lahiri: बंगाल से बीजेपी विधायक और अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. नियुक्ति के बाद अशोक कुमार लाहिड़ी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की.

Written By:
Edited By: Gaurav Verma
Last Updated: 2026-04-25 14:54:13

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Who is Ashok Lahiri: अर्थशास्त्री और नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अशोक लाहिड़ी सुमन बेरी की जगह लेंगे. नीति आयोग की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं.

इसलिए उपाध्यक्ष को ही नीति आयोग का असली प्रमुख माना जाता है. इसके अलावा, ये भी जानकारी सामने आ रही है कि बंगाली वैज्ञानिक गोबर्धन दास को नीति आयोग का नया सदस्य बनाया गया है.

कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी?

अशोक कुमार लाहिड़ी कोलकाता की प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पढ़े हैं. उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया, एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में महत्वपूर्ण पद संभाले. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भी उन्होंने सलाहकार और सीनियर इकोनॉमिस्ट के रूप में काम किया.

वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट सीट से बीजेपी विधायक हैं लेकिन इस बार चल रहे चुनाव नहीं लड़ रहे. उन्होंने भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में भी सेवा दी हैं. अटल बिहारी वाजपेयी के समय (दिसंबर 2002) में उनकी नियुक्ति हुई और उन्होंने जून 2007 तक पद संभाला.

अशोक लाहिड़ी की क्यों हुई नियुक्ति?

वित्तीय नीति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों में लाहिड़ी के लंबे अनुभव ने उनके चयन में अहम भूमिका निभाई है. सरकारी निर्णय-निर्माण में उनके पिछले योगदानों ने उन्हें भारत के मुख्य नीति-निर्धारक थिंक टैंक का नेतृत्व करने के लिए एक मजबूत दावेदार बना दिया था. अधिकारियों का मानना ​​है कि राजकोषीय प्रबंधन और विकास रणनीतियों की उनकी समझ भारत के भविष्य के आर्थिक सुधारों को दिशा देने में मददगार साबित हो सकती है. उनकी नियुक्ति का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि यह पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े नेतृत्व के विकल्पों को उजागर करती है.

अशोक लाहिरी की नेट वर्थ

2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव के अपने हलफनामे के आधार पर भारतीय अर्थशास्त्री और राजनेता अशोक कुमार लाहिड़ी ने ₹7.43 करोड़ से ज़्यादा की कुल संपत्ति घोषित की थी. वह एक जानी-मानी हस्ती हैं, जिन्होंने कई बड़े पदों पर काम किया है; इनमें भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार और बंधन बैंक के बोर्ड सदस्य के तौर पर काम करना और साथ ही अन्य अहम नेतृत्व वाली भूमिकाएं निभाना शामिल है.

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इसलिए उपाध्यक्ष को ही नीति आयोग का असली प्रमुख माना जाता है. इसके अलावा, ये भी जानकारी सामने आ रही है कि बंगाली वैज्ञानिक गोबर्धन दास को नीति आयोग का नया सदस्य बनाया गया है.

कौन हैं अशोक कुमार लाहिड़ी?

अशोक कुमार लाहिड़ी कोलकाता की प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पढ़े हैं. उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाया, एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी में महत्वपूर्ण पद संभाले. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भी उन्होंने सलाहकार और सीनियर इकोनॉमिस्ट के रूप में काम किया.

वह पश्चिम बंगाल विधानसभा में बालुरघाट सीट से बीजेपी विधायक हैं लेकिन इस बार चल रहे चुनाव नहीं लड़ रहे. उन्होंने भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के रूप में भी सेवा दी हैं. अटल बिहारी वाजपेयी के समय (दिसंबर 2002) में उनकी नियुक्ति हुई और उन्होंने जून 2007 तक पद संभाला.

अशोक लाहिड़ी की क्यों हुई नियुक्ति?

वित्तीय नीति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थानों में लाहिड़ी के लंबे अनुभव ने उनके चयन में अहम भूमिका निभाई है. सरकारी निर्णय-निर्माण में उनके पिछले योगदानों ने उन्हें भारत के मुख्य नीति-निर्धारक थिंक टैंक का नेतृत्व करने के लिए एक मजबूत दावेदार बना दिया था. अधिकारियों का मानना ​​है कि राजकोषीय प्रबंधन और विकास रणनीतियों की उनकी समझ भारत के भविष्य के आर्थिक सुधारों को दिशा देने में मददगार साबित हो सकती है. उनकी नियुक्ति का राजनीतिक महत्व भी है, क्योंकि यह पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े नेतृत्व के विकल्पों को उजागर करती है.

अशोक लाहिरी की नेट वर्थ

2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव के अपने हलफनामे के आधार पर भारतीय अर्थशास्त्री और राजनेता अशोक कुमार लाहिड़ी ने ₹7.43 करोड़ से ज़्यादा की कुल संपत्ति घोषित की थी. वह एक जानी-मानी हस्ती हैं, जिन्होंने कई बड़े पदों पर काम किया है; इनमें भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार और बंधन बैंक के बोर्ड सदस्य के तौर पर काम करना और साथ ही अन्य अहम नेतृत्व वाली भूमिकाएं निभाना शामिल है.

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