CJP Protest: दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को एशईएम कोर्ट में पेश किया है.इन्हें तिहाड़ जेल में रखा जाएगा. सीजेपी नेताओं पर बॉन्ड की शर्तें तोड़ने और बीएनएस की धारा 163 के उल्लंघन का आरोप है. ये तीनों नेता मंगलवार को दीवार फांदकर जंतर-मंतर पहुंचे थे. रात में पुलिस ने इन सभी को प्रिवेंटिव कस्टडी में लिया और सुबह के वक्ता मंदिर मार्ग स्थित एसईएम कोर्ट में पेश किया.
सीजेपी के वकील ने कहा, पुलिस ने झूठ बोला है कि कोई भी कॉल किया गया था. पुलिस ने ये प्रिजंप्शन बताया कि ये फिर से ऐसा कर सकते हैं इसलिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है.
#WATCH | Delhi: Advocate Abhisht Hela, representing CJP’s Saurav Das, Ashutosh Ranka, and Ajinkya Shinde says, “They have been sent to 5-day judicial custody because of the presumption of the Police that they can commit a crime…Police lied in Court that they had given a call urging people to come there. They had not given any call. They have not violated the bond…The separate complaint over Connaught Place has been misused here, and they have been sent to 5-day judicial custody…”
— ANI (@ANI) October 14, 2026
अभिजीत दीपके ने किया रिएक्ट
सौरव दास और आशुतोष रांका के न्यायिक हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने रिएक्ट किया है. उन्होंने लिखा, आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना. थोड़ी हिम्मत दिखाइए, नरेंद्र मोदी. अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल (Emergency) घोषित करने की हिम्मत दिखाइए.
Ashu and Saurav have been sent to 5 days judicial custody. Their fault? Unfurling tricolour at Jantar Mantar. Show some guts, @narendramodi. If you’re so determined to crush dissent, have the courage to officially declare an Emergency instead of hiding behind these cowardly tactics.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 14, 2026
रत्ना सिंह ने किया रिएक्ट
सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने लिखा, सौरव और आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. अजिंक्य को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा किया गया. गिरफ्तारी के कारण वही थे. पता चला है कि SEM का प्रदर्शनकारियों को सजा देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है. कायर सरकार.
Saurav and Ashutosh sent to 5 days judicial custody. Ajinkya released on personal bond. Same grounds of arrest. Got to know that SEM has track record of punishing protesters. Coward Sarkar.
— Ratna Singh (@whattalawyer) October 14, 2026
अजिंक्य शिंदे से भरवाया गया 5 हजार का बेल बॉन्ड
आशुतोष रांका और सौरव दास को जहां 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, वहीं अजिंक्य शिंदे को रिहा किया गया है. शिंदे से 5 हज़ार का बेल बॉन्ड भरवाया है. SEM ने 6 महीने तक अशांति न फैलाने को लेकर आदेश दिया है.
जंतर-मंतर पर किया था प्रदर्शन
आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्त शिंदे ने 13 अक्टूबर को बिना इजाजत के जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स लांघकर प्रदर्शन किया था. सारे गेट्स बंद थे जिसके बाद तीनों ने गेट पर चढ़कर एंट्री की थी. हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें उन्होंने कहा था कि वो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे.