Maharashtra News: महाराष्ट्र के बदलापुर नगर पालिका की आम बैठक में शिवसेना और एनसीपी सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई. एनसीपी की ओर से अनुमोदित पार्षद प्रभाकर पाटिल ने शिक्षक विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे के पत्र पर आपत्तिजनक टिप्पणी की. इससे म्हात्रे के भाई और पार्षद वामन म्हात्रे और तुकाराम म्हात्रे बेहद नाराज हो गए. इसके चलते हॉल में जमकर बहस हुई. इसका असर नगर पालिका परिसर में भी देखने को मिला.
शिवसेना कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और पुलिस के सामने हंगामा खड़ा कर दिया. इसके चलते कुछ समय के लिए वहां तनावपूर्ण माहौल बन गया. खासकर, पुलिस की मौजूदगी में जब हॉल में हंगामा चल रहा था, तब इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नगर निगम परिसर में कैसे घुस गए? यह सवाल अब उठ रहा है.
मेयर रुचिता घोरपड़े ने विवाद को शांत कराया
इस तरह बदलापुर पुलिस की निष्क्रियता एक बार फिर सामने आ गई है. हालांकि, राजनीतिक माहौल गरमा गया था, लेकिन मेयर रुचिता घोरपड़े ने हस्तक्षेप कर विवाद को शांत कराया. इससे आगे का हंगामा टल गया. वहीं इस तीखी बहस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
— Naresh Shende (@NareshShen87640) April 22, 2026
बता दें कि बदलापुर नगर परिषद में बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजीत पवार गुट सत्ता में हैं. शिवसेना का शिंदे गुट विपक्ष में है. चुनाव के दौरान बीजेपी और शिवसेना के बीच आरोप-प्रत्यारोप का तीखा दौर चला.
बीजेपी उम्मीदवार के मेयर बनने से शिंदे गुट को लगा था झटका
बीजेपी उम्मीदवार के नगर परिषद महापौर चुने जाने के बाद शिवसेना का शिंदे गुट सदमे में था. बदलापुर में अमृतगड्डी सभा के बाद नगर परिषद परिसर में हुए विवाद ने हलचल मचा दी है.
गौरतलब है कि राज्य में शिवसेना-बीजेपी और एनसीपी का गठबंधन है और तीनों ही सरकार में है. तीनों ही पार्टी महायुती गठबंधन के तहत राज्य में सरकार चला रही है. इसके अलावा केंद्र में शिवसेना और एनसीपी, बीजेपी के साथ है. हालांकि, हाल में हुए निकाय चुनाव में इन दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था.