Chirag Paswan Minister Resign Statement: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान इन दिनों अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं. खास बात यह है कि उनके निशाने पर कई बार उनकी अपनी सहयोगी सरकार भी आ रही है. प्रयागराज में यूथ बोले तो कार्यक्रम में पहुंचे चिराग पासवान ने आरक्षण और संविधान को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ‘अगर संविधान और आरक्षण के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश हुई, तो वह एक मिनट में केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देंगे’. चिराग ने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने भी मंत्री पद छोड़ने से पहले एक मिनट के लिए नहीं सोचा था.
‘गठबंधन में अन्याय हुआ तो नहीं रुकूंगा’
चिराग पासवान ने कहा कि ‘गठबंधन में रहते हुए उनकी जिम्मेदारी अपने लोगों के हक और अधिकारों की चिंता करना है.’ उन्होंने कहा कि ‘अगर उन्हें लगा कि गठबंधन में उनके लोगों के साथ अन्याय हो रहा है या उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, तो वह मंत्री पद छोड़ने में एक मिनट भी नहीं लगाएंगे’.
यूपी चुनाव को लेकर भी बड़ा ऐलान
प्रयागराज में चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर भी बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि ‘लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी. चिराग ने साफ कहा कि इस फैसले को लेकर कोई शक नहीं है’. उनके इस ऐलान के बाद यूपी की राजनीति में पार्टी की आगे की रणनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.
बिहार सरकार पर भी साध चुके हैं निशाना
इससे पहले बिहार में महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर भी चिराग पासवान ने अपनी ही एनडीए सरकार पर सवाल उठाए थे. उन्होंने बिहार प्रशासन पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा था कि प्रशासन लोगों को सुरक्षित रखने में नाकाम हो रहा है. चिराग ने यहां तक कहा था कि ‘उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करने पर शर्म महसूस होती है और अपराध पर समय रहते नियंत्रण जरूरी है’.
रोहिणी आचार्य ने पूछा- इस्तीफा कब देंगे?
चिराग के इस बयान के बाद विपक्ष ने भी हमला बोला. लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने उन पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अगर उन्हें सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है, तो वह इस्तीफा देने के लिए किस ‘शुभ मुहूर्त’ का इंतजार कर रहे हैं? रोहिणी ने चिराग के बयानों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने सवाल किया कि अगर स्थिति इतनी ही असहनीय है, तो इस्तीफा देने में देरी क्यों हो रही है?
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अब सबसे बड़ा सवाल क्या?
चिराग पासवान के लगातार तीखे बयानों ने बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक राजनीतिक चर्चा बढ़ा दी है. एक तरफ वह गठबंधन में रहते हुए संविधान, आरक्षण और अपने लोगों के अधिकारों को लेकर कड़ा रुख दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिहार सरकार को लेकर भी सवाल उठा चुके हैं. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि चिराग का यह आक्रामक रुख आगे भी जारी रहता है या आने वाले समय में उनकी पार्टी की रणनीति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई देता है.
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