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LPU University Protest: 10 दिनों के लिए क्लास सस्पेंड, मिड-टर्म एग्जाम टले; पंजाब की 2 यूनिवर्सिटियों में बवाल के बाद अब कैसे हैं हालात?

LPU University Protest: मामला सिर्फ नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रहा. प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की गाड़ियों और यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया, और पुलिस के साथ झड़प भी हुई. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ स्टूडेंट्स की शरारत और फिर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से हालात तेज़ी से बिगड़े.

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Last Updated: September 28, 2026 08:25:57 IST

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LPU University Protest: पंजाब की दो बड़ी यूनिवर्सिटी हिंसक स्टूडेंट प्रोटेस्ट और हिंसा के लिए सुर्खियों में हैं. सबसे पहले, पटियाला के राजपुरा में चितकारा यूनिवर्सिटी में, सोशल मीडिया पर छात्राओं की मौत और भूतों की अफवाह फैलने के बाद तनाव बढ़ गया. अगले दिन, फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ रेप के आरोपों ने स्टूडेंट्स को सड़कों पर ला दिया. दोनों घटनाओं में पुलिस के साथ झड़प, तोड़फोड़ और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के बाद, दोनों कैंपस में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है.

विवाद कैसे शुरू हुआ?

26 सितंबर को, राजपुरा के पास चितकारा यूनिवर्सिटी में देर रात सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के ज़रिए स्टूडेंट्स के बीच दावे तेज़ी से फैले. इन दावों में दो छात्राओं की मौत या आत्महत्या और हॉस्टल में भूत होने के दावे शामिल थे. इसके बाद, बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स हॉस्टल से बाहर निकल गए और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन से जवाब मांगा. पुलिस और यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कैंपस में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है.

मामला सिर्फ़ नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रहा. प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की गाड़ियों और यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया, और पुलिस के साथ झड़प भी हुई. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ स्टूडेंट्स की शरारत और फिर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से हालात तेज़ी से बिगड़े.

चितकारा यूनिवर्सिटी ने बाद में कुछ समय के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज़ को रोकने का फैसला किया. यूनिवर्सिटी के मुताबिक, 5 अक्टूबर से रेगुलर क्लास फिर से शुरू होंगी, जबकि टीचर और स्टाफ एडमिनिस्ट्रेटिव काम करते रहेंगे.

LPU में अब क्या हुआ?

चितकारा की घटना के अगले ही दिन फगवाड़ा में LPU में स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट शुरू हो गया. इस बार, वजह एक फीमेल स्टूडेंट के साथ कथित रेप थी. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि 23 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल में एक फीमेल स्टूडेंट के साथ रेप हुआ था, और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को बताने के बावजूद तुरंत एक्शन नहीं लिया गया. स्टूडेंट्स के बयानों के आधार पर पुलिस ने एक अनजान आदमी के खिलाफ FIR दर्ज की. मामले की जांच के लिए एक SIT भी बनाई गई है.

हालांकि, LPU एडमिनिस्ट्रेशन ने कैंपस में रेप की घटना की कोई जानकारी होने से इनकार किया है, और आरोपों को अफवाह बताया है और कहा है कि कुछ लोग झूठी और बेबुनियाद जानकारी फैला रहे हैं. किसी नतीजे पर पहुँचने के बजाय, पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत दूसरे सबूतों की जाँच की जाएगी.

प्रोटेस्ट कब हिंसक हुआ?

LPU में प्रोटेस्ट रविवार सुबह गर्ल्स हॉस्टल के आस-पास शुरू हुआ और जल्द ही इसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स शामिल हो गए. स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ की और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे 44 को ब्लॉक कर दिया. इससे हाईवे पर लंबी ट्रैफिक लाइन लग गईं, जिससे ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से डायवर्ट करना पड़ा.

शाम को, पुलिस ने प्रोटेस्ट करने वालों से हाईवे खाली कराने की कोशिश की. इससे पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच झड़प हो गई. पुलिस पर पत्थर फेंके गए और कई पुलिस गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए. हालात बिगड़ने पर और पुलिस फोर्स बुलाई गई. बाद में, ADGP MF फारूकी की लीडरशिप में पुलिस ऑफिसर्स की एक टीम कैंपस पहुँची और पुलिस ने कहा कि हालात कंट्रोल में हैं.

दोनों यूनिवर्सिटीज़ में अभी क्या हालात हैं?

हिंसा के बाद, LPU में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है. पुलिस फ्लैग मार्च भी कर रही है. हाईवे पर ट्रैफिक बहाल करने का प्रोसेस शुरू हो गया है. यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट की सेफ्टी पक्का करने के लिए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं. मिड-टर्म एग्जाम भी अगली सूचना तक टाल दिए गए हैं. स्टूडेंट्स को उनके पेरेंट्स से सलाह लेने के बाद घर जाने दिया गया है, जबकि कैंपस में रहने वालों को अपने हॉस्टल या घरों में रहने और गैर-जरूरी एक्टिविटी से बचने की सलाह दी गई है.

दूसरी ओर, चितकारा यूनिवर्सिटी ने भी कुछ समय के लिए एकेडमिक एक्टिविटी सस्पेंड कर दी हैं. पुलिस और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि सोशल मीडिया पर फैले बिना वेरिफिकेशन वाले दावों की वजह से तनाव फिर से न बढ़े.

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Last Updated: September 28, 2026 08:25:57 IST

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LPU University Protest: पंजाब की दो बड़ी यूनिवर्सिटी हिंसक स्टूडेंट प्रोटेस्ट और हिंसा के लिए सुर्खियों में हैं. सबसे पहले, पटियाला के राजपुरा में चितकारा यूनिवर्सिटी में, सोशल मीडिया पर छात्राओं की मौत और भूतों की अफवाह फैलने के बाद तनाव बढ़ गया. अगले दिन, फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ रेप के आरोपों ने स्टूडेंट्स को सड़कों पर ला दिया. दोनों घटनाओं में पुलिस के साथ झड़प, तोड़फोड़ और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने के बाद, दोनों कैंपस में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है.

विवाद कैसे शुरू हुआ?

26 सितंबर को, राजपुरा के पास चितकारा यूनिवर्सिटी में देर रात सोशल मीडिया और मैसेजिंग ग्रुप के ज़रिए स्टूडेंट्स के बीच दावे तेज़ी से फैले. इन दावों में दो छात्राओं की मौत या आत्महत्या और हॉस्टल में भूत होने के दावे शामिल थे. इसके बाद, बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स हॉस्टल से बाहर निकल गए और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन से जवाब मांगा. पुलिस और यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कैंपस में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है.

मामला सिर्फ़ नारेबाजी तक ही सीमित नहीं रहा. प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की गाड़ियों और यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया, और पुलिस के साथ झड़प भी हुई. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ स्टूडेंट्स की शरारत और फिर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों की वजह से हालात तेज़ी से बिगड़े.

चितकारा यूनिवर्सिटी ने बाद में कुछ समय के लिए एकेडमिक एक्टिविटीज़ को रोकने का फैसला किया. यूनिवर्सिटी के मुताबिक, 5 अक्टूबर से रेगुलर क्लास फिर से शुरू होंगी, जबकि टीचर और स्टाफ एडमिनिस्ट्रेटिव काम करते रहेंगे.

LPU में अब क्या हुआ?

चितकारा की घटना के अगले ही दिन फगवाड़ा में LPU में स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट शुरू हो गया. इस बार, वजह एक फीमेल स्टूडेंट के साथ कथित रेप थी. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि 23 सितंबर को गर्ल्स हॉस्टल में एक फीमेल स्टूडेंट के साथ रेप हुआ था, और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन को बताने के बावजूद तुरंत एक्शन नहीं लिया गया. स्टूडेंट्स के बयानों के आधार पर पुलिस ने एक अनजान आदमी के खिलाफ FIR दर्ज की. मामले की जांच के लिए एक SIT भी बनाई गई है.

हालांकि, LPU एडमिनिस्ट्रेशन ने कैंपस में रेप की घटना की कोई जानकारी होने से इनकार किया है, और आरोपों को अफवाह बताया है और कहा है कि कुछ लोग झूठी और बेबुनियाद जानकारी फैला रहे हैं. किसी नतीजे पर पहुँचने के बजाय, पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, फोरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत दूसरे सबूतों की जाँच की जाएगी.

प्रोटेस्ट कब हिंसक हुआ?

LPU में प्रोटेस्ट रविवार सुबह गर्ल्स हॉस्टल के आस-पास शुरू हुआ और जल्द ही इसमें बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स शामिल हो गए. स्टूडेंट्स ने यूनिवर्सिटी कैंपस में तोड़फोड़ की और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे 44 को ब्लॉक कर दिया. इससे हाईवे पर लंबी ट्रैफिक लाइन लग गईं, जिससे ट्रैफिक को दूसरे रास्तों से डायवर्ट करना पड़ा.

शाम को, पुलिस ने प्रोटेस्ट करने वालों से हाईवे खाली कराने की कोशिश की. इससे पुलिस और स्टूडेंट्स के बीच झड़प हो गई. पुलिस पर पत्थर फेंके गए और कई पुलिस गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, कुछ गाड़ियों में आग भी लगा दी गई और कई पुलिसवाले घायल हो गए. हालात बिगड़ने पर और पुलिस फोर्स बुलाई गई. बाद में, ADGP MF फारूकी की लीडरशिप में पुलिस ऑफिसर्स की एक टीम कैंपस पहुँची और पुलिस ने कहा कि हालात कंट्रोल में हैं.

दोनों यूनिवर्सिटीज़ में अभी क्या हालात हैं?

हिंसा के बाद, LPU में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है और पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है. पुलिस फ्लैग मार्च भी कर रही है. हाईवे पर ट्रैफिक बहाल करने का प्रोसेस शुरू हो गया है. यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट की सेफ्टी पक्का करने के लिए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं. मिड-टर्म एग्जाम भी अगली सूचना तक टाल दिए गए हैं. स्टूडेंट्स को उनके पेरेंट्स से सलाह लेने के बाद घर जाने दिया गया है, जबकि कैंपस में रहने वालों को अपने हॉस्टल या घरों में रहने और गैर-जरूरी एक्टिविटी से बचने की सलाह दी गई है.

दूसरी ओर, चितकारा यूनिवर्सिटी ने भी कुछ समय के लिए एकेडमिक एक्टिविटी सस्पेंड कर दी हैं. पुलिस और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि सोशल मीडिया पर फैले बिना वेरिफिकेशन वाले दावों की वजह से तनाव फिर से न बढ़े.

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