Delhi metro Golden Line: दिल्ली से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में सफर काफी आसान होने वाला है. दिल्ली मेट्रो के फेज-4 में तैयार हो रही गोल्डन लाइन दक्षिण दिल्ली के कई अहम इलाकों को सीधे IGI एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र से जोड़ेगी. खास बात यह है कि इस कॉरिडोर के जरिए साकेत, छतरपुर और वसंत कुंज जैसे इलाकों से एयरपोर्ट तक पहुंचने का रास्ता पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक होगा.
गोल्डन लाइन का निर्माण तुगलकाबाद से एरोसिटी तक किया जा रहा है. यह करीब 23.62 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा. इसका एरोसिटी स्टेशन एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से कनेक्ट होगा, जिससे यात्रियों को टर्मिनल-3 तक पहुंचने में भी सहूलियत मिलेगी. इसके अलावा टर्मिनल-1 तक इस लाइन को आगे बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है.
गोल्डन लाइन रूट?
दिल्ली की गोल्डन लाइन मेट्रो पर तुगलकाबाद, तुगलकाबाद रेलवे कॉलोनी, आनंदमयी मार्ग, तिगड़ी, खानपुर, अंबेडकर नगर, साकेत जी-ब्लॉक, साकेत, नेब सराय, इग्नू, छतरपुर, छतरपुर मंदिर, किशनगढ़, वसंत कुंज और दिल्ली एरोसिटी स्टेशन बनेंगे.
एयरपोर्ट के अंदर आसान होगी आवाजाही
दिल्ली एयरपोर्ट पर सिर्फ मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना नहीं है बल्कि अलग से एक ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर (APM) सिस्टम भी प्रस्तावित है. यह ड्राइवरलेस ट्रांजिट सेवा एयरपोर्ट के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम करेग. लगभग 7.3 किलोमीटर लंबे इस सिस्टम के जरिए टर्मिनल-1, टर्मिनल-2, टर्मिनल-3, एरोसिटी और कार्गो टर्मिनल को जोड़ने की योजना है. इससे यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक सड़क के रास्ते जाने की परेशानी कम होगी. योजना के तहत यह सिस्टम 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य है.
कई मेट्रो लाइनों से कनेक्शन
गोल्डन लाइन की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटरचेंज नेटवर्क होगा. तुगलकाबाद पर वायलेट लाइन से कनेक्शन मिलेगा, जबकि छतरपुर पर येलो लाइन से जुड़ने का विकल्प रहेगा. एरोसिटी पर यात्री एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पकड़कर एयरपोर्ट के दूसरे हिस्सों तक जा सकेंगे. इसका सीधा फायदा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के यात्रियों को मिलेगा. अभी एयरपोर्ट जाने के लिए कई यात्रियों को मेट्रो बदलनी पड़ती है या सड़क के रास्ते लंबा सफर करना पड़ता है. गोल्डन लाइन इस दूरी और समय को काफी कम कर सकती है.
एरोसिटी बनेगा बड़ा ट्रांसपोर्ट हब
एरोसिटी स्टेशन भविष्य में दिल्ली के प्रमुख ट्रांसपोर्ट इंटरचेंज में बदल सकता है। यहां मेट्रो और एयरपोर्ट एक्सप्रेस के अलावा भविष्य की रैपिड रेल कनेक्टिविटी भी जुड़ने की योजना है। गोल्डन लाइन पर ड्राइवरलेस मेट्रो चलाने की भी तैयारी है।
2027 में शुरू हो सकता है कॉरिडोर
साकेत, छतरपुर और वसंत कुंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में अंडरग्राउंड निर्माण का काम जारी है. मौजूदा योजना के मुताबिक गोल्डन लाइन का संचालन 2027 के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है. इस कॉरिडोर के चालू होने के बाद सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे आसपास के शहरों से एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है.