LPG Cylinder Insurance: 24 अप्रैल को महाराष्ट्र के बीड में एलपीजी सिलेंडर फटने का मामला सामने आया है. ये हादसा इतना खौफनाक था कि एक घर के एलपीजी सिलेंडर फटने से दो घर जलके खाक हो गए. हालांकि हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एक तरफ जहां एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं, वहां एक के बाद एक सिलेंडर फटने की घटना ने प्रशासन को भी स्तब्ध कर दिया. ये भीषण विस्फोट जिले के अंबाजोगाई तहसील के पट्टिवडगांव में हुआ, जहां आग लगने के बाद मिट्टी और लकड़ी से बने मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. इस घटना से देशभर में एलपीजी सिलेंडर के रखरखाव के प्रति अवेयरनेस पैदा कर दी है. लोग सोशल मीडिया पर एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाले बीमा से क्लेम मांगने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन क्या सच में कंपनियां बिना बीमा कराए ऐसी घटनाओं का एक्सीडेंटल कवर देती हैं? जानें क्या कहते हैं नियम और कैसे क्लेम किया जाता है इंश्योरेंस का पैसा?
बिना बीमा के कैसे मिलेगा कवरेज?
आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन जब भी आप एलपीजी का कनेक्शन लेते हैं तो तेल कंपनियां हाथोंहाथ आपको एलपीजी गैस सिलेंडर से संबंधित घटनाओं से सुरक्षा प्रदान कर देती हैं. जी हां. इस बीमा सेवा के लिए ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाता और न ही इंश्योरेंस में कोई बीमा कंपनी शामिल होती है. ये बीमा सुविधा तब तक ही वैलिड रहती है, जब तक आपके नाम एलपीजी कनेक्शन होता है. ऐसे में जब भी एलपीजी गैस लीकेज या ब्लास्ट जैसी दुर्घटनाएं सामने आती हैं तो ₹50 लाख तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है.
कब-कब मिलता है कवरेज?
रसोई गैस कनेक्शन लेने पर पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से ग्राहक को अलग-अलग श्रेणियों में पर्सनल एक्सीडेंट कवर उपलब्ध कराया जाता है.
- एलपीजी सिलेंडर फटने से होने वाली दुर्भाग्यवश मौत पर प्रति व्यक्ति ₹6 लाख तक के मुआवजे का प्रावधान है.
- यदि एलपीजी से होने वाले हादसों से व्यक्ति को गहरी चोटें आती हैं तो ₹2 लाख का कवरेज मिलता है.
- यदि सिलेंडर ब्लास्ट होने से घर या प्रॉपर्टीज को नुकसान हो तब भी ₹2 लाख तक की भरपाई की जाएगी.
कैसे मिलेगा कवरेज?
यदि आपके आसपास एलपीजी सिलेंडर ब्लास्ट या आग लगने जैसी घटना होती है तो सबसे पहले पुलिस प्रशासन को सूचित किया जाना चाहिए. ऐसे में FIR भी दर्ज कराई जा सकती है,
- यदि एलपीजी ब्लास्ट से कोई व्यक्ति हताहत हुआ है तो मेडिकल रिपोर्ट या मौत होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएं.
- फिर एलपीजी सिलेंडर संबंधित गैस एजेंसी को सूचित करें, ताकि वो आपकी तरफ से क्लेम फाइल कर सकें.
- क्लेम फाइल होने के बाद बीमा कंपनी की तरफ से घटनास्थल का सर्वे होगा. इस दौरान लोगों से पूछताछ और संबंधित जांच भी की जाएगी.
इन बातों का रखें खास ध्यान
एलपीजी गैस सिलेंडर के संबंध में लापरवाही बरतने से होने वाली घटनाओं के संबंध मे बीमा क्लेम रद्ध हो सकता है. इसलिए सावधानी बरतना सबसे पहला उपाय है. ऐसे में नीचे दिए गए सुरक्षा उपया करते रहने चाहिए.
- यदि आपने एलपीजी गैस से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया, इसके बावजूद दुर्घटना हुई है तो क्लेम मिल सकता है.
- जिस कंपनी के एलपीजी सिलेंडर के कारण दुर्घटना हुई है, वहां ग्राहक के नाम से एलपीजी कनेक्शन होना अनिवार्य है.
- एलपीजी गैस सिलेंडर से चूल्हे तो जोड़ने वाली गैस पाइप और रेगुलेटर ISI मार्क वाले होने चाहिए.
- बिना सुरक्षा मानकों वाले हॉज और रेगुलेटर से क्लेम रद्ध हो सकता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.