Indore: इंदौर में दीषित पानी पीने के मामले में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 3 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है.
Delhi water
Indore Water Crisis: जीवन के पीना सबसे बुनियादी जरूरतों में से एक हैं. लेकिन सोचिए यही पानी आपके मरने का कारण बन जाए तो? मध्य प्रदेश से पानी से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन आपकी भी रूह कांप जाएगी. मामला मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा का है. जहां 2000 लोगों की इस बस्ती में दूषित पानी की वजह से कोहराम मच गया. यहां के लोगों की पानी पीने के बाद बीयत लगातार बिगड़ती चली गई. हालात बिगड़ने के बाद बिमार लोगों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. जिनमे से अब तक कुल 8 लोगों की मौत हो गई है. विडंबना इस बात कि है कि इंदौर को देश का सबसे साफ शहर कहा जाता है
मामले को लेकर प्रशासन का कहना है कि सिर्फ 3 लोगों की मौत खराब पानी पीने की वजह हुई हैं, जबकि 5 लोगों की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है. वहीं अभी तक 100 से ज्यादो लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जिनमें से 35 लोगों की हालत स्थिर होने के बाद से उन्हे डिस्चार्ज कर दिया गया है. जबकि बाकि लोग अभी भी अस्पताल में हैं. घटना के बाद से पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ हा.
इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मामले को लेकर कहा कि पानी की टंकी से निकलने वाली मेन लाइन में एक जगह ड्रेनेज और सीवरेज का पानी मिल रहा था. नगर निगम की टीम ने उस जगह को खोज लिया है. निगम की टीम उसे ठीक करने में जुटी है. उन्होने आगे कहा कि नगर निगम का हेल्थ सेक्टर लागातार क्षेत्र में एक्टिव है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
उन्होने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होने कहा कि इंदौर जैसे शहर में इस मामले का होना बेहद गंभीर है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी निगम की है. भार्गव ने कहा कि करीब छह महीने पहले ही उन्होंने भागीरथपुरा में हेल्पलाइन पर आने वाली गंदे पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेने और उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे.
एरिया में डाली गई पूरानी नल लाइनों को ठीक करने के लिए टेंडर भी जारी किए गए थे. अब इन टेंडरों को दोबारा बुलाने और काम को तेजी से करने के निर्देश निग आयुक्त को दिए गए हैं. वहीं मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे,उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
महापौर ने बता कि सीएम को मामले को लेकर अवगत करा दिया गया है. घटना को लेकर जांच के आदेश भी दिए गए हैं. साथ ही इस बात की भी जांच की जाएगी की समय पर पानी की लाइन क्यों नहीं डाली गई और टेंडर होने के बाद भी कार्यवाही क्यों नहीं हुई.
अब तक कुल 35 मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है. वहीं कल शाम से कुल 66 लोग अस्पताल में भर्ती हैं.सभी मरीजों को निशुल्क में इलाज मुहैया कराया जा रहा है. वहीं जिन परिवारों में मौत हुई है उन्हें सीएम द्वारा सहायता राशी भी दी जाएगी. जिसका एलान कर दिया गया है. मृतकों के परिवारों को सराकार 2-2 लाख की सहायता राशि दी जाएगी. मामले में 3 जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोपों पर कटाक्ष करते हुए महापौर ने कहा कि विपक्ष को राजनीति से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए. नगर निगम पूरी जिम्मेदारी के साथ इस मामले को संभाल रहा है और हर पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
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