Jammu kashmir Earthquake Today: जम्मू-कश्मीर के लोग शनिवार (18 अप्रैल, 2026) की सुबह उस समय सकते में आ गए जब धरती में कंपन शुरू हो गया. लोग दहशत के चलते घरों से बाहर निकल गए. भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में था. शनिवार सुबह 8 बजकर 25 मिनट पर 5.3 तीव्रता की गति से आए इस भूकंप के चलते कश्मीर घाटी में तेज झटके महसूस किए गए. आपदा प्रबंधन के अधिकारियों की मानें तो यह भूकंप कश्मीर घाटी में सुबह 8.24 बजे आया. अधिकारियों के मुताबिक इससे अब तक किसी नुकसान की खबर नहीं है.
धरती के 190 किलोमीटर के अंदर हुई हलचल
शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को कश्मीर घाटी में रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसका आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 8.24 बजे रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के बदाखशान प्रांत में था. भूकंप धतरी की पपड़ी के 190 किलोमीटर अंदर आया. कश्मीर में कई विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं. वर्ष 1555 और वर्ष 1885 के विनाशकारी भूकंप प्रमुख हैं, जिन्होंने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी. इन भूकंप में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. वर्ष 1555 में आए कश्मीर भूकंप ने कई शहरों को तबाह कर दिया था. इसी तीव्रता 7.6 थी.
- 24 सितंबर 2019 (मीरपुर, पाक-अधिकृत कश्मीर): 5.6 तीव्रता.
- 1555 (कश्मीर घाटी): Mw 7.6 तीव्रता.
- 1885 (बारामूला/सोपोर): 6.2 तीव्रता.
- 1779 (कश्मीर): Mw 7.5 तीव्रता.
- 1669 (कश्मीर): Mw 7 तीव्रता.
- 1828 (श्रीनगर): 2 फरवरी 2026 (उत्तर कश्मीर/बारामूला): 4.6 तीव्रता.
- 12 अप्रैल 2026 (डोडा, जम्मू): 4.6 तीव्रता.
- 13 जून 2023 (जम्मू-कश्मीर): 5.2 तीव्रता .
क्यों ज्यादा खतरा है कश्मीर में
जानकारों का कहना है कि टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव में इजाफा हुआ है. पिछले कई सालों से हिमालय क्षेत्र में इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकरा रही हैं. इस टकराने के चलते धरती के भीतर भारी तनाव (stress) पैदा हो रहा है. यह भूकंप के रूप में बाहर निकलता है. कश्मीर घाटी में भूकंप का खतरा बहुत अधिक है. इसकी वजह यह है कि यह क्षेत्र अत्यधिक सक्रिय भूकंपीय जोन V (Zone V) में स्थित है. यहां पर अधिक तीव्रता का भूकंप आने की संभावना हमेशा रहती है.