Live TV
Search
Home > देश > घर घुसना,कपड़े उठाना…क्या ये रेप की कोशिश है? झारखंड हाईकोर्ट का चौंकाने वाला फैसला

घर घुसना,कपड़े उठाना…क्या ये रेप की कोशिश है? झारखंड हाईकोर्ट का चौंकाने वाला फैसला

Jharkhand High Court Verdict: झारखंड हाईकोर्ट ने 27 साल पुराने केस में आरोपी की 4 साल की सजा घटाकर सिर्फ 8 महीने कर दी. कोर्ट ने कहा 'रात में घर घुसना गलत है, लेकिन हर बात दुष्कर्म प्रयास नहीं.'

Written By:
Last Updated: 2026-09-09 12:08:00

Mobile Ads 1x1

Jharkhand High Court Verdict: झारखंड हाईकोर्ट ने एक पुराने मामले में आरोपी को बड़ी राहत दी है. यह केस करीब 27 साल पुराना है. आरोपी पर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप था. कोर्ट ने उसे दोषी तो माना, लेकिन सजा बहुत कम कर दी. जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने साफ बात कही. रात में महिला के घर में घुसना, उसे पकड़ना या कपड़े उठाना बहुत गलत है. यह गंभीर अपराध है. लेकिन हर ऐसी हरकत को दुष्कर्म का प्रयास नहीं कहा जा सकता. दुष्कर्म प्रयास तभी बनता है जब आरोपी सच में दुष्कर्म करने की तरफ आगे बढ़ा हो.

आरोपी और घटना क्या थी?

आरोपी का नाम कमलेंदु महतो उर्फ खोका है. घटना 27 दिसंबर 1999 की आधी रात की है. पीड़िता घर में अकेली सो रही थी. घर में कोई पुरुष नहीं था. आरोपी जबरदस्ती कमरे में घुस गया और छेड़छाड़ करने लगा.  पीड़िता ने जोर से शोर मचाया. उसकी मां आईं तो आरोपी भाग गया. पड़ोसियों ने भी शोर सुना और आरोपी को भागते देखा. किसी ने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी. बाद में भाई को खबर मिली और पुलिस में शिकायत हुई.

ये भी पढ़ें: ओला के बाद अब उबर और रैपिडो पर भी गिरी गाज, 6 महीने के लिए लाइसेंस निलंबित, जानें क्यों हुई कार्रवाई

पहले क्या सजा मिली थी?

घाटशिला की अदालत ने 2006 में आरोपी को दोषी ठहराया था. उसे 4 साल की सजा दी गई थी. आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की. कोर्ट ने गवाहों की बातें ध्यान से सुनीं. कोर्ट ने माना कि आरोपी ने महिला की इज्जत खराब करने की नीयत से हमला किया. इसलिए धारा 354 का केस बनता है. लेकिन दुष्कर्म प्रयास साबित नहीं हुआ. इसलिए सजा घटाकर सिर्फ 8 महीने कर दी गई. यह फैसला बताता है कि अपराध गंभीर है, लेकिन सजा सही सबूत पर ही होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: नए लेबर कोड में बोनस का नया नियम, इतने तक वेतन वालों को बोनस देना होगा अनिवार्य, जानें किसे मिलेगा और कितनी बनेगी रकम

MORE NEWS

Home > देश > घर घुसना,कपड़े उठाना…क्या ये रेप की कोशिश है? झारखंड हाईकोर्ट का चौंकाने वाला फैसला

Written By:
Last Updated: 2026-09-09 12:08:00

Mobile Ads 1x1

Jharkhand High Court Verdict: झारखंड हाईकोर्ट ने एक पुराने मामले में आरोपी को बड़ी राहत दी है. यह केस करीब 27 साल पुराना है. आरोपी पर दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप था. कोर्ट ने उसे दोषी तो माना, लेकिन सजा बहुत कम कर दी. जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने साफ बात कही. रात में महिला के घर में घुसना, उसे पकड़ना या कपड़े उठाना बहुत गलत है. यह गंभीर अपराध है. लेकिन हर ऐसी हरकत को दुष्कर्म का प्रयास नहीं कहा जा सकता. दुष्कर्म प्रयास तभी बनता है जब आरोपी सच में दुष्कर्म करने की तरफ आगे बढ़ा हो.

आरोपी और घटना क्या थी?

आरोपी का नाम कमलेंदु महतो उर्फ खोका है. घटना 27 दिसंबर 1999 की आधी रात की है. पीड़िता घर में अकेली सो रही थी. घर में कोई पुरुष नहीं था. आरोपी जबरदस्ती कमरे में घुस गया और छेड़छाड़ करने लगा.  पीड़िता ने जोर से शोर मचाया. उसकी मां आईं तो आरोपी भाग गया. पड़ोसियों ने भी शोर सुना और आरोपी को भागते देखा. किसी ने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी. बाद में भाई को खबर मिली और पुलिस में शिकायत हुई.

ये भी पढ़ें: ओला के बाद अब उबर और रैपिडो पर भी गिरी गाज, 6 महीने के लिए लाइसेंस निलंबित, जानें क्यों हुई कार्रवाई

पहले क्या सजा मिली थी?

घाटशिला की अदालत ने 2006 में आरोपी को दोषी ठहराया था. उसे 4 साल की सजा दी गई थी. आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की. कोर्ट ने गवाहों की बातें ध्यान से सुनीं. कोर्ट ने माना कि आरोपी ने महिला की इज्जत खराब करने की नीयत से हमला किया. इसलिए धारा 354 का केस बनता है. लेकिन दुष्कर्म प्रयास साबित नहीं हुआ. इसलिए सजा घटाकर सिर्फ 8 महीने कर दी गई. यह फैसला बताता है कि अपराध गंभीर है, लेकिन सजा सही सबूत पर ही होनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: नए लेबर कोड में बोनस का नया नियम, इतने तक वेतन वालों को बोनस देना होगा अनिवार्य, जानें किसे मिलेगा और कितनी बनेगी रकम

MORE NEWS