Baba Dham Kanwariya: भागलपुर के सुल्तानगंज से हर साल हजारों कांवरिया बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए लंबी यात्रा पर निकलते हैं. कोई पैदल चलता है, कोई डाक कांवर लेकर दौड़ता है, तो कोई कठिन तपस्या के साथ अपनी आस्था का परिचय देता है. इसी तरह इस बार एक कांवरिये की कहानी लोगों को ठहरकर देखने पर मजबूर कर रही है. बांका जिले के रहने वाले सुनील दास एक पैर के सहारे बाबा धाम की ओर बढ़ रहे हैं. लोग उन्हें प्यार से ‘हठयोगी कांवरिया’ कहते हैं.
सुनील दास के लिए यह यात्रा सिर्फ कांवर लेकर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का सफर नहीं है बल्कि एक ऐसा संकल्प है जिसमें उनका पूरा विश्वास जुड़ा हुआ है. उन्होंने इस बार प्रण लिया है कि वे सिर्फ एक पैर पर चलते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे.
12 दिन में 13 किलोमीटर का सफर
सुनील दास को करीब 105 किलोमीटर की दूरी तय करनी है लेकिन एक पैर पर शरीर का संतुलन बनाकर आगे बढ़ना आसान नहीं है. उनकी यात्रा की रफ्तार बेहद धीमी है. पिछले 12 दिनों में वह महज 13 किलोमीटर का रास्ता ही तय कर पाए हैं. हर कदम के साथ शरीर पर पड़ने वाला दबाव और रास्ते की मुश्किलें उनके संकल्प की परीक्षा ले रही हैं फिर भी सुनील दास रुके नहीं हैं. एक पैर पर खड़े होकर शरीर का संतुलन बनाते हैं, फिर धीरे-धीरे अगला कदम बढ़ाते हैं और इसी तरह बाबा धाम की ओर बढ़ते जा रहे हैं.
रास्ते में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
जब सुनील दास रास्ते से गुजरते हैं तो उन्हें देखने के लिए श्रद्धालु रुक जाते हैं. कोई उनके संकल्प को देखकर नमन करता है तो कोई उनके हौसले की तारीफ करता है. उनके लिए यह यात्रा अब सिर्फ उनकी व्यक्तिगत आस्था नहीं रह गई है बल्कि रास्ते में मिलने वाले लोगों के लिए भी कौतूहल और प्रेरणा का कारण बन गई है.
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